मथुरा। जिन पैक्स समितियों ने प्रति समिति 200 नए सदस्य बनाने का लक्ष्य पूरा नहीं किया है। उनकी 10 लाख की ब्याजमुक्त उर्वरक ऋण सीमा निरस्त कर दी जाएगी। इस संबंध में सहकारिता मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सदस्यता महाअभियान-2 की प्रगति की समीक्षा में यह निर्णय सुनाया।
मंत्री राठौर ने कहा कि अभियान में लापरवाही करने वाले अधिकारियों व समिति पदाधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि उर्वरक वितरण के समय नए सदस्यों को प्राथमिकता दी जाए। साथ ही प्रदेश में उर्वरक व गेहूं बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष निरंजन सिंह धनगर ने बताया कि लक्ष्य पूरा न करने वाली समितियों के सचिव व अध्यक्ष जिम्मेदार माने जाएंगे और उनकी ऋण सीमा रोकी जाएगी।
कृषक पंजिका धारक को मिलेगा उर्वरक
अध्यक्ष निरंजन सिंह धनगर ने बताया कि एक जनवरी 2026 से उर्वरक वितरण केवल कृषक पंजिका के आधार पर होगा। इसलिए किसानों को शीघ्र सहकारी समितियों का सदस्य बनना चाहिए। बैठक में सहायक आयुक्त एवं निबंधक विवेक कौशल, बैंक के सीईओ दमन लाल शर्मा, उपमहाप्रबंधक सुमित कुमार शर्मा, तथा सदस्यता अभियान के नोडल विनोद कुमार गौतम व भारत गर्ग उपस्थित रहे।