जिले में बुखार व सर्दी-खांसी का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा। सोमवार को जिला अस्पताल में 453 मरीज बुखार के पहुंचे, जिनमें 153 लोगों की खून की जांच कराई गई। कुल 1780 मरीज जिला अस्पताल पहुंचे।
जिले में पिछले एक महीने में एक दर्जन से अधिक लोगों की मौत बुखार के कारण हुई है। दो दिन बुखार आता है और अचानक प्लेटलेट्स कम हो जाती हैं। जब तब परिजन मरीज का इलाज शुरू कराते हैं, तब तक देर हो जाती है। अब तक बुखार से मरने वालों में बच्चों की संख्या आठ हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का दावा है कि जिले में डेंगू व मलेरिया का एक भी केस नहीं आया है, जबकि प्राइवेट अस्पताल में कई केस डेंगू के सामने आए हैं।
हकीकत यह है कि सरकारी अस्पताल की लैब में डेंगू या मलेरिया की जांच नहीं हो रही, केवल सीबीसी, टीएलसी आदि साधारण जांच के आधार पर ही लोगों को दवा लिखी जा रही है। सीएमएस डाॅ. सूर्यप्रकाश का कहना है कि लैब में किसी के डेंगू पीड़ित होने की पुष्टि नहीं हुई है। आवश्यकता लगने पर डेंगू या मलेरिया की भी जांच कराई जाती है।