- ग्रेनो और ग्रेनो वेस्ट में पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर हमले के बाद सोसाइटियों में जश्न का माहौल
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। पहलगाम में 15 दिन पहले हुए आतंकी हमले का भारत ने ऑपरेशन सिंदूर से बदला ले लिया है। ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत की सेना ने पाकिस्तान व पीओके के आतंकी ठिकानों पर भारतीय सेना ने वार किया। सेना की शक्ति के आगे पाकिस्तान ढेर हो गया। इसकी चर्चा देशभर में बुधवार को रही। वहीं ग्रेटर नोएडा के लोगों ने भी तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दीं।
ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी होने पर ग्रेटर नोएडा और ग्रेनो वेस्ट स्थित सेक्टर सोसाइटियों में जश्न का माहौल देखने को मिला। ऐसा लग रहा था। शहर वासियों ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर नाम भी पहलगाम में हुई घटना का जवाब और पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया है। भारत अब नया भारत है। देश को आंख दिखाने वालों को कड़ा जवाब देना जानता है। देश का हर नागरिक सरकार के साथ खड़ा है। यदि युद्ध की परिस्थितियों हुई तो देश का हर नागरिक बॉर्डर पर खड़ा दिखाई देगा।
बयान-1
भारत ने पाकिस्तान पर हमला कर दुनिया को बता दिया है कि हम चुप बैठने वालों में नहीं समय पर जरूर जवाब देने वाले हैं। कायराना हरकतें करने वाले पाकिस्तान को एक तरह से भारत के जवानों ने जवाब दिया है।-
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रिटायर्ड सूबेदार मेजर सतीश शर्मा, ग्रेनो वेस्ट सेक्टर-2
बयान-2
हमने मजबूती से पाकिस्तान को जबाब दिया ये अच्छी बात है, लेकिन अब हमे वॉर को खत्म कर देना चाहिए। भारतीय सेना ने सिंदूर की लाज बचाई है। देश में बेरोजगारी और विकास के कई मुद्दे हैं। -
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श्वेता शर्मा, सेक्टर पी-3
बयान-3
ऑपरेशन सिंदूर सफल रहा। इंडियन आर्मी को बधाई। ये तो सिर्फ शुरुआत है, अगर फिर से कोई ऐसी हरकत पाकिस्तान करता है तो और भी मुहंतोड़ जवाब दिया जाएगा। -
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रिटायर्ड मेजर निशा सिंह, केंद्रीय विहार सोसाइटी
बयान-4
पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद देश का हर एक नागरिक बहुत उम्मीद से बैठा हुआ था। जोकि अब भारतीय सेना ने कर दिखाया है। जितनी भी सेना की तारीफ की जाए वो कम है। -
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शमशेर सिंह नरवाल, (चीफ मैनेजर पंजाब नेशनल बैंक) ग्रेनो वेस्ट
बयान-5
भारतीय वायुसेना ने सटीक प्रहार करके अपनी हिम्मत और क्षमता का परिचय दिया है। हमें इसके साथ अपने रक्षा कार्यक्रम और खुफिया तंत्र को और तेज़ी से आगे बढ़ाना चाहिए, खासकर जब पड़ोसी देश का माहौल ठीक न हो। भारतीय रक्षा सेवाओं पर हमें गर्व है।
जगत नारायण त्रिपाठी, सूबेदार (रि)