नूंह। जिले में बीते कई वर्षों से लगातार जल संकट बढ़ता जा रहा है। सरकारी विभाग के आंकड़ों के अनुसार नूंह, फिरोजपुर झिरका, नगीना और पुन्हाना में भूजल स्तर 300 फुट नीचे पहुंच गया है। इसके बावजूद जल के संरक्षण पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। पूर्व में जिले के अरावली क्षेत्र के साथ लगते गांवों में भूमिगत जल की कोई समस्या नहीं थी। लेकिन कई वर्षों से लगातार कम हो रही बरसात से यह समस्या कई गुणा बढ़ गई है। जिले के लोग रैनीवेल परियोजना के साथ बादली प्रोजेक्ट से आने वाले पानी से अपनी प्यास बुझा रहे हैं। संपन्न परिवारों द्वारा टैंकरों के जरिए पानी मंगाया जा रहा है। अरावली क्षेत्र में जलदोहन के मामलों में लगातार वृद्धि होना और प्राकृतिक स्त्रोतों को नष्ट होना भी एक बड़ा कारण है। पानी की इसी कमी के कारण पानी का अवैध करोबार बढ् रहा है। ऐसे में भूजल का स्तर लगातार नीचे जा रहा है। जिलावासियों का कहना है कि अगर सरकार व प्रशासन ने जल्द कोई कदम नहीं उठाया तो आने वाले समय में लोग पानी को तरसने पर मजबूर होंगे।
जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया फिरोजपुर झिरका क्षेत्र में भूजल 200 से 250 फुट नीचे हैं। पुन्हाना में यह 300 से नीचे है। तावडू और नूंह में 250 तक भूजल स्तर पहुंच चुका है।
बांधों व हार्वेस्टिग सिस्टम को दुरुस्त करना होगा
समाजसेवी ताहिर हुसैन, गोपाल पंडित ने बताया कि जल संरक्षण के लिए कृषि विभाग एवं विभिन्न संस्थाओं ने क्षेत्र में बांध बनाए हैं, लेकिन इनमें से अधिकांश बांध देखरेख के अभाव में क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। ऐसे में बांधों का रखरखाव व देखरेख न होने के चलते इनमें रोका गया पानी धीरे-धीरे निकल जाता है, जिससे यहां जल संरक्षण की मुहिम को बढ़ावा नहीं मिल रहा। सरकार एवं संबंधित विभागों को मिलकर नए बांध व क्षतिग्रस्त हो चुके इन बांधों की मरम्मत करने की जरूरत है।
अरावली के पानी को बचाने की जरूरत
बरसात के दिनों में अरावली से आने वाला पानी व्यर्थ हो जाता है। समाजसेवी परवीन ने बताया कि जिले में प्राकृतिक संसाधनों की कोई कमी नहीं है। अरावली के साथ लगते गांवों में बांध की योजना को बनाया हुआ है लेकिन जो अधिक प्रभावी नहीं दिख रही है। अरावली की तलहटी में जल संरक्षण के लिए अगर कोई कदम उठाया जाए तो जिले में जल भूमिगत जल स्तर को बढ़ाया जा सकता है।
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लगातार गिरते भूजल स्तर को देखते हुए विभाग पूरी तरह से गंभीर है। जिले में इस समस्या को देखते हुए बीते दिनों जिला प्रशासन ने संबंधित विभाग के अधिकारियों के जल स्तर के प्रति गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं- संजीव कुमार, एसडीएम नूंह।
फोटो : पलड़ी गांव के पास अरावली के पास देखरेख के अभाव में बांध।