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Noida News: विवचेक के खिलाफ कार्रवाई के आदेश

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-विवेचना में लापरवाही बरतने का मामला, छात्रा को धक्का देकर गिराने के आरोपी को दी जमानत
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जिला एवं सत्र न्यायालय ने छात्रा को बिल्डिंग से धक्का देने के आरोपी शोएब की दूसरी जमानत अर्जी स्वीकार कर ली। साथ ही अदालत ने कहा कि मामले की जांच के बाद ऐसा प्रतीत होता है कि विवेचक द्वारा विवेचना में घोर लापरवाही बरती गई है। यह भी प्रतीत होता है कि विवेचक को दंड प्रक्रिया संहिता व बीएनएस के नियमों की कोई जानकारी नहीं है। अदालत ने पुलिस आयुक्त को आदेश दिया कि संबंधित विवेचक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
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वादी ने थाना इकोटेक-3 में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी पुत्री एनआईएमटी कॉलेज में फिजियोथेरेपी की अंतिम वर्ष की छात्रा है। 29 जुलाई 2025 की शाम करीब आठ बजे शोएब से मिलने गई थी। मोबाइल पर आए एक संदेश को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। झगड़े के दौरान शोएब ने पुत्री को थप्पड़ों, लात-घूसों और डंडों से पीटा। धारदार हथियार से हमला कर पहली मंजिल से धक्का दे दिया। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई, उसे शारदा अस्पताल में भर्ती कराया गया। आरोपी की ओर से अधिवक्ता ने तर्क दिया कि एफआईआर दो दिन की देरी से दर्ज हुई है। घटना का कोई प्रत्यक्षदर्शी गवाह नहीं है। सत्र न्यायाधीश ने केस डायरी और मेडिकल रिपोर्ट का अवलोकन करते हुए पाया कि विवेचना अधूरी है। अदालत ने कहा कि घटना 29 जुलाई को हुई, लेकिन एफआईआर 30 जुलाई को दर्ज हुई। मेडिकल रिपोर्ट में यह उल्लेख है कि छात्रा को गिरने से चोट आई है। लेकिन विवेचक ने 29 जुलाई के बाद कोई साक्ष्य संकलन नहीं किया। केवल वादी के बयान दर्ज किए। यह स्पष्ट रूप से लापरवाही का मामला है। यह कहते हुए अदालत ने आरोपी को जमानत याचिका स्वीकार कर ली।
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