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स्कूल जाने से पहले बच्चों की कोरोना जांच का विरोध

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फिरोजपुर झिरका। प्रदेश शिक्षा विभाग के स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की कोरोना जांच रिपोर्ट साथ लाने के आदेश का ग्रामीण बच्चे व उनके अभिभावक विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि कोरोना की जांच करने वाले केंद्र काफी दूर हैं। उनके लिए बच्चों को स्कूल भेजने से पहले जांच रिपोर्ट प्राप्त करना संभव नहीं है। इससे हजारों ग्रामीण बच्चे स्कूली शिक्षा से वंचित रह जाएंगे।
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प्रदेश शिक्षा विभाग ने सोमवार से 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को स्कूल बुलाकर नियमित शिक्षा के आदेश दिए हैं। स्कूलों में केवल उन्हीं बच्चों को आने दिया जाएगा, जिनके पास कोरोना नेगेटिव जांच रिपोर्ट होगी। इस आदेश से ग्रामीण अभिभावकों व बच्चों में बेचैनी है। शमीम, नजीर, बुध सिंह, साकिर हुसैन, विधवा रामवती, केला देवी आदि अभिभावकों ने कहा कि संसाधनों के अभाव में बच्चों को जांच रिपोर्ट लेकर भेजना संभव नहीं है। फिरोजपुर झिरका के लोगो को 20 से 30 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल में कोरोना जांच करानी पड़ती है। जांच रिपोर्ट मिलने में भी दो दिन लग जाते हैं। ऐसी स्थिति में गांवों के हजारों छात्र-छात्राएं स्कूल जाने से वंचित रह जाएंगे।
इस संबंध में फिरोजपुर झिरका के खंड शिक्षा अधिकारी इंद्रजीत सिंह मजोका ने कहा कि शिक्षा विभाग के आदेश को लागू करना जरूरी है। सोमवार को केवल उन्हीं बच्चों को स्कूल में प्रवेश दिया जाएगा, जो 48 घंटे पहले की कोरोना निगेटिव जांच रिपोर्ट दिखाएंगे।
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