संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। जिले के नौ राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में पांचवें चरण में पहले आओ पहले पाओ के आधार पर दाखिला प्रकिया जारी है। प्रदेश के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में रिक्त सीटों की स्थिति को देखते हुए ऑन द स्पॉट दाखिले की अंतिम तिथि 12 सितंबर तक बढ़ाई जा चुकी है। तिथि बढ़ाने से वंचित विद्यार्थियों को राहत मिली है। जीटी रोड स्थित राजकीय आईटीआई में 928 सीटों में से 770 से अधिक सीटों पर दाखिले हो चुके हैं। हालांकि अब भी करीब 155 सीटें रिक्त हैं। पांचवें चरण में ऑन द स्पॉट दाखिला प्रक्रिया के दौरान रिक्त सीटों पर काफी हद तक दाखिले होने की संभावना है।
जीटी रोड स्थित राजकीय आईटीआई में 31 ट्रेड में से करीब 13 ट्रेडों में सभी सीटों पर दाखिला हो चुका है। छह ट्रेड ऐसी हैं जिनमें 90 फीसदी से अधिक सीटों पर दाखिला हो चुका है। आठ ट्रेडों में 50 फीसदी से अधिक सीटों पर दाखिला हुआ है। हालांकि चार ट्रेड ऐसी हैं, जिनमें 50 फीसदी से कम सीटों पर दाखिले हुए हैं।
प्रदेश में दाखिले की स्थिति
आईटीआई में दाखिले के लिए पांचवें चरण की ऑन द स्पॉट दाखिला प्रक्रिया जारी है।प्रदेश की 376 आईटीआई में अब तक कुल 97651 पंजीकरण किए जा चुके हैं जबकि कुल पूर्ण आवेदन 84587 हुए हैं। इनमें से 63281 के आवेदन सत्यापित किए गए हैं। इनमें से समाचार भेजे जाने तक 56728 सीटों पर दाखिला हो चुका है जो कुल आवेदन का मात्र 58 फीसदी, कुल पूर्ण आवेदन का 67 फीसदी और कुल सत्यापित आवेदन का 90 फीसदी है।
कुछ ट्रेडों में युवाओं ने नहीं दिखाई रुचि
रिकार्ड आवेदन के बाद भी युवाओं ने आईटीआई की कई ट्रेडों में दाखिले के लिए रुचि नहीं दिखाई। हालांकि इलेक्ट्रीशियन, कोपा, फिटर, मशीनिस्ट जैसी ट्रेडों में करीब 100 फीसदी सीटों पर दाखिले हो चुके हैं लेकिन कई ट्रेड ऐसी हैं जिनमें 50 फीसदी से भी कम दाखिले हुए हैं। शीट मेटल वर्कर, वूड वर्क टेक्नीशियन, फाउंड्रीमैन, टूल एंड डाई मेकर, सीएनसी जैसी ट्रेडों में अपेक्षाकृत कम दाखिले हुए हैं।
वर्जन-
औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में ऑन द स्पॉट दाखिले की तिथि एक बार फिर बढ़ा दी गई है। विद्यार्थी 12 सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर ऑन द स्पॉट दाखिला ले सकते हैं। राजकीय आईटीआई में 928 सीटों में से करीब 770 सीटों पर दाखिला हो चुका है। अधिकतर ट्रेडों में दाखिले के सकारात्मक परिणाम आए। हालांकि चार ट्रेड ऐसी रही जिनमें 50 फीसदी से कम दाखिला हुआ।
- डॉ. कृष्ण कुमार, प्रधानाचार्य, राजकीय आईटीआई पानीपत।