फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida News: आवंटित सीटों के सापेक्ष एक तिहाई छात्रों को ही मिला मौका

विज्ञापन
विज्ञापन
- आरटीई के तहत निजी स्कूलों में 11,600 सीटें आवंटित थीं
विज्ञापन

- तीन चरणों की प्रक्रिया में 4330 विद्यार्थिों को ही मिलीं सीटें

अंकुर त्रिपाठी
ग्रेटर नोएडा। शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत तीनों चरणों की प्रक्रिया पूरी हो गई है। जनपद के 1160 निजी स्कूलों में आरटीई के तहत 25 प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए रिजर्व थीं। 11,600 सीटों के सापेक्ष एक तिहाई यानी 4330 विद्यार्थियों को ही निजी स्कूलों में सीटें आवंटित हो पाईं हैं। वहीं दो हजार से अधिक विद्यार्थियों के आवेदन गलत दस्तावेज के चलते रद्द कर दिए गए। वहीं 1500 से अधिक विद्यार्थियों को स्कूल आवंटित नहीं हो सके। आरटीई के तहत सीटें अधिक होने के बाद भी अभिभावकों ने प्रकिया से दूरी बना ली है।

विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, तीन चरणों की प्रक्रिया के तहत अब तक करीब 1400 से अधिक छात्रों को दाखिला मिल चुका है। कंट्रोल रूम से अभिभावकों को फोन कराए जा रहे हैं कि चयनित स्कूलों में जाकर बच्चों का दाखिला कराएं। उन्होंने बताया कि लक्ष्य रखा गया है कि अप्रैल में ही सभी चयनित बच्चों का दाखिला हो जाए। वहीं विभाग के दावों के उलट अभिभावकों का मोह भंग आरटीई की प्रक्रिया से हो रहा है। स्कूलों व बीएसए कार्यालय के चक्करों से परेशान अभिभावकों ने दाखिले के लिए आवेदन भी उस हिसाब से नहीं किए। सीटों के सापेक्ष आवेदन कम आने पर विभाग भी समझ नहीं पाया है कि आवेदन कम कैसे आए। जबकि कई छोटे जिलों में पहली बार काफी आवेदन मिले हैं।
विज्ञापन



स्कूल पर नहीं हुई कोई कार्रवाई

आरटीई के तहत दाखिला नहीं लेने वाले स्कूलों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण स्कूलों के हौंसले बुलंद होते हैं। अभिभावक स्कूल के चक्कर लगाते रह जाते हैं, लेकिन शिक्षा विभाग उन्हें आश्वासन देने के अलावा कोई कार्रवाई नहीं कर पाता। आवंटित सीट पर दाखिला देने में आनाकानी करने वाले स्कूलों के खिलाफ नोटिस दिए गए थे। मान्यता रद करने की चेतावनी भी दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
विज्ञापन



कंट्रोल रूम की मदद से अभिभावकों से संपर्क साधा जा रहा है। हर चयनित छात्रों का दाखिला निजी स्कूलों की 25 प्रतिशत सीट पर कराया जाएगा। दाखिला नहीं लेने वाले स्कूलों पर कार्रवाई की जाएगी। - राहुल पंवार,बीएसए


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें