ज्यादा कीमतें सेक्टर ऑमिक्रॉन-1ए की फ्लैट की आवंटन में बनी बाधा
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सेक्टर ओमिक्रॉन-1ए में बने फ्लैट की जर्जर हालत और ज्यादा कीमतें ग्रेनो प्राधिकरण के ई-नीलामी से आवंटन के फैसले में बाधा बन गई। प्राधिकरण बोर्ड में फैसला होने के बाद ई-नीलामी से बेचने के लिए लगाए गए 90 फ्लैटों के लिए केवल पांच आवेदक ही आए हैं। सात महीने में केवल पांच आवेदन के बाद अब इनके बीच ही तीन सितंबर को ई-नीलामी से आवंटन की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी।
प्राधिकरण के मुताबिक ग्रेटर नोएडा में रेडी टू मूव घर लेने का मौका दिया गया था। 130 मीटर रोड से सीधे जुड़े होने से प्राइम लोकेशन का दावा भी किया गया। इसमें 90 फ्लैट को बिक्री के लिए रखा गया। 2 बीएचके के फ्लैट का रिजर्व प्राइस 73.23 लाख रुपये से लेकर 74.35 लाख रुपये तक रखा गया। सभी खर्च को शामिल करते हुए प्रति फ्लैट कीमत 90 लाख रुपये से ऊपर जाना तय था। ऐसे में जर्जर हालत और कॉमन सर्विस के रखरखाव के लिए कोई व्यवस्था नहीं होने जैसी दिक्कतों के चलते पहले ही ई-नीलामी की प्रक्रिया पर सवाल उठे थे।
अधिकारियों का कहना था कि बोर्ड से मंजूरी के बाद ही आवासीय फ्लैट की योजना दो चरण में लांच की जानी तय थी। यहां करीब 350 फ्लैट अभी आवंटित नहीं हुए हैं। फ्लैट का कार्पेट एरिया 83.38 वर्ग मीटर और सुपर एरिया 104.70 वर्ग मीटर है। पहले चरण में कम आवेदन की खराब स्थिति की वजह से 1 बीएचके के बाकी छोटे फ्लैट के लिए अभी योजना लांच नहीं की गई है।