जहां एक ओर जिले में टीकाकरण प्रक्रिया लगातार तेज हो रही है वहीं, लक्ष्य पूरा करने की कवायद में कोरोना वैक्सीन आपूर्ति का संकट खड़ा हो गया है। जिले में फिलहाल सिर्फ 6000 कोविशील्ड की डोज बची हैं। ऐसे में रविवार तक वैक्सीन की और डोज नहीं आती, तो सोमवार को टीकाकरण प्रभावित हो सकता है। उधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने शासन से पत्राचार कर पूरे मामले की जानकारी दे दी है।
जिले में 1 अप्रैल से 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों का टीकाकरण शुरू होने के बाद वैक्सीन की मांग बढ़ गई है। साथ ही हर दिन टीकाकरण के लिए निर्धारित लक्ष्य भी बढ़ाया गया है। शासन से स्वास्थ्य विभाग को अप्रैल में 1.62 लाख लोगों के टीकाकरण का लक्ष्य मिला है। वहीं, अप्रैल के शुरुआती तीन दिनों में ही स्वास्थ्य विभाग ने लगभग 30 हजार लोगों को कोरोना से बचाव का टीका लगा भी दिया है। जबकि मार्च माह में 20 से 30 केंद्रों पर ही टीकाकरण किया जा रहा था।
जिले की कोल्डचेन में शनिवार तक मात्र 6000 कोविशील्ड वैक्सीन डोज बची है। जिसके रविवार को ही पूरा इस्तेमाल हो जाने की संभावना हैं। ऐसे में यदि रविवार को मेरठ से वैक्सीन नहीं आती है तो सोमवार का टीकाकरण पर इसका असर होगा। यदि टीकाकरण की प्रक्रिया एक दिन के लिए भी रोकी गई तो इस दौरान अस्पतालों में आने वाले लाभार्थियों को परेशानी होगी और उन्हें बिना टीकाकरण लौटना पड़ सकता है।। स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में शासन को पत्र भी लिखा है।
जिले में अप्रैल माह से 80 से अधिक केंद्रों पर कोरोना टीकाकरण हो रहा है। जिनमें से अधिकांश सरकारी अस्पताल में कोविशील्ड की डोज दी जा रही है। सीएमओ डॉ दीपक ओहरी ने कहा कि कोल्ड चेन में छह हजार कोविशील्ड की डोज बची हैं। वहीं को-वैक्सीन की डोज लगभग 20 हजार है। शासन से एक लाख कोविशील्ड वैक्सीन की डोज के लिए मांग की गई है। उम्मीद है कि रविवार की शाम तक कोल्ड चेन में वैक्सीन उपलब्ध हो जाएगी।