165 किलोमीटर यमुना एक्सप्रेसवे पर यात्रियों की सुरक्षा में सिर्फ 21 कैमरे लगे हैं और पेट्रोलिंग में 11 वाहन चल रहे हैं। मथुरा जिले की सीमा में बस लूट की घटना के बाद यमुना प्राधिकरण की तरफ से शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। इसमें इसका उल्लेख किया गया है। इस घटना से सबक लेते हुए हाइवे पर अलग से थाना बनाने की कवायद भी शुरू हो गई है।
बीते दिनों मथुरा जिले की सीमा में यमुना एक्सप्रेसवे पर बस में सवार यात्रियों से लूट की घटना हुई। इसके बाद हाइवे की सुरक्षा पर सवाल उठे। मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस पर संज्ञान लिया। प्राधिकरण से यमुना एक्सप्रेसवे के लिए मौैजूद संसाधनों पर रिपोर्ट मांगी। प्राधिकरण ने एक्सप्रेसवे की पूरी रिपोर्ट सरकार को भेजी है। रिपोर्ट में आगामी होने वाले कामों के बारे में भी बताया गया है, जिसमें एक्सप्रेसवे के लिए अलग से थाना बनाने का भी सुझाव है।
बताया गया है कि एक्सप्रेसवे पर पुलिस पेट्रोलिंग के छह वाहन हैं, जबकि एक्सप्रेसवे प्रबंधन के 11 वाहन पेट्रोलिंग करते हैं, ताकि किसी तरह की घटना-दुर्घटना होने पर तुरंत सहायता दी जा सके। एक्सप्रेसवे पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी व स्पीड कैमरे भी लगाए गए हैं, ताकि कुछ अप्रिय घटना होने पर वह कैमरों में कैद हो सके। हाइवे पर और सीसीटीवी कैमरे लगाने की तैयारी है। एक्सप्रेसवे पर फास्टैग की सुविधा शुरू की जाएगी। इसके लिए संबंधित एजेंसी से अनुबंध किया जा चुका है। रिपोर्ट में बताया गया है कि यह सुविधा यात्रियों को मई से मिलने लगेगी।
15 अप्रैल से लगेंगे सेंट्रल वर्ज पर क्रैश बैरियर
रिपोर्ट में बताया गया है कि एक्सप्रेसवे के सेंट्रल वर्ज के दोनों ओर क्रैश बैरियर लगाए जाएंगे। इस पर करीब 108 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके टेंडर निकाल दिए गए हैं। 15 अप्रैल के आसपास काम शुरू होने की उम्मीद है। अगले साल सितंबर-अक्तूबर तक यह काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके लगने से हादसा होने पर एक तरफ की रोड से गुजर रहे वाहन सेंट्रल वर्ज पार करके दूसरी तरफ के रोड पर नहीं जा सकेंगे। इससे बड़े हादसों को रोका जा सकेगा।
यात्रियों की सूचना के लिए हाइवे साथी एप व टोल फ्री नंबर
प्राधिकरण की तरफ से शासन को भेजी गई रिपोर्ट में बताया गया है कि यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ी सभी जानकारी के लिए हाइवे साथी एप चल रहा है। इससे गति सीमा का ब्योरा, एंबुलेंस आदि के बारे में जानकारी मिल जाती है। साथ ही टोल फ्री नंबर 1800-102-7777 भी है, जिस पर कॉल करके यात्री दिक्कतों को बता सकते हैं।
यमुना एक्सप्रेसवे के सुरक्षा उपायों पर शासन ने रिपोर्ट मांगी थी। यह रिपोर्ट भेज दी गई है। एक्सप्रेसवे की सुविधाओं के बारे में पूरी जानकारी दी गई है। शासन के निर्देश पर एक्सप्रेसवे की सुरक्षा से जुड़े और भी उपाय अपनाए जाएंगे।
- डॉ. अरुणवीर सिंह, सीईओ, यमुना प्राधिकरण