ऑनलाइन कॉलगर्ल सप्लाई करने के आरोप में पकड़े गए बुद्धिमान लामा व मोनू।
नोएडा। व्हाट्सअप के जरिये ऑनलाइन देह व्यापार चलाने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। गिरोह के दो आरोपियों को पुलिस ने सेक्टर-56 स्थित सी-81 गेस्ट हाउस से गिरफ्तार किया है। जबकि मौके से मिली दो युवतियों को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। एक युवती नेपाल और दूसरी कोलकाता की रहने वाली है। पकडे़ गए आरोपियों में एक नेपाल निवासी इंजीनियर और दूसरा दिल्ली का है। सरगना अभी फरार है। आरोपियों से कार, 25 हजार रुपये और तीन मोबाइल समेत अन्य सामान बरामद हुआ है। प्राथमिक जांच में कई नेताओं, अधिकारियों व कारोबारियों के नंबर मिले हैं जिन्हें युवतियों के अश्लील फोटो भेजे गए हैं।
डीसीपी महिला सुरक्षा वृंदा शुक्ला ने बताया कि पिछले सप्ताह किसी व्यक्ति ने शिकायत की थी कि एक व्यक्ति देह व्यापार का कारोबार चला रहा है। एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के इंस्पेक्टर को इसकी जांच सौंपी गई थी। इंस्पेक्टर ने ग्राहक बनकर दो युवतियों को बुलाने के लिए बात की तो गिरोह सरगना ने कहा कि वह कार से युवतियों को पहुंचा देगा और वापस भी ले जाएगा। होटल और कमरे आदि की व्यवस्था खुद करनी होगी। 5 हजार से 20 हजार रुपये में एक युवती को भेजा जाता था। समय बढ़ने पर पैसे भी बढ़ा दिए जाते थे। पुलिस को आरोपी ने शनिवार का समय दिया था। इसके बाद दो युवक और दो युवतियां नोएडा पहुंचीं तो पुलिस ने चारों को दबोच लिया। युवकों की पहचान नेपाल के जनपद सरलाही के बैलवांस निवासी बुद्धिमान लामा व पंजाब के भटिंडा स्थित रामपुरा फूल निवासी मोनू के रूप में हुई। बुद्धिमान इंजीनियर है और इस समय लामा चिराग दिल्ली में सी-119 में और मोनू किशनगढ़ बसंत कुंज दिल्ली के 8619 मकान में रह रहे थे। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि दिल्ली निवासी गिरोह सरगना एलेक्स ग्राहक से मनमाफिक पैसे वसूलता है, लेकिन लड़कियों को प्रति ग्राहक 1500 रुपये देता है। एलेक्स कई साल से देह व्यापार चला रहा है। युवतियों की निशानदेही पर मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
मोबाइल खेलेंगे कई गहरे राज
पुलिस ने दोनों युवतियों को हिरासत में लेकर उनके मोबाइल खंगाले तो कई नेताओं, अधिकारियों व कारोबारियों के व्हाट्सअप पर बातचीत होने की जानकारी मिली। इनके व्हाट्सअप पर युवतियों के अश्लील फोटो भी भेजे गए हैं। कुछ अन्य युवतियों के फोटो भी मिले हैं। अंदेशा है कि इस गिरोह में कई युवतियां शामिल हैं।
एनसीआर में फैला जाल, होटल बन रहे ठिकाने
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह युवतियों को अधिकतर ओयो होटलों पर भेजते हैं। वहां पर पुलिस का डर कम होता है। किसी तरह का जोखिम हुआ तो वह ग्राहक का होगा, इसलिए सेक्टर और आवासीय इलाके में जाने से परहेज किया जाता था। दिल्ली, फरीदाबाद, गुरुग्राम, गाजियाबाद और नोएडा-ग्रेटर नोएडा में युवतियां भेजी जाती हैं। इनमें नोएडा-ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद व फरीदाबाद में युवतियों की अधिक मांग है।