बलिया और बुलंदशहर समेत सभी केंद्रों के ध्यानार्थ
शिक्षण संस्थान और कंपनियों में गांजा-चरस की ऑनलाइन डिलिवरी का पर्दाफाश
- फ्लिपकार्ट के फर्जी पैकेट में ऑर्गेनिक मादक पदार्थ बताकर विद्यार्थी और कर्मचारियों को करते थे आपूर्ति
- बीबीए पास छात्रा, उसके दो फुफेरे भाई समेत चार तस्कर गिरफ्तार, मास्टर माइंड समेत दो आरोपी फरार
- 20 किलो गांजा, 400 ग्राम चरस, फ्लिपकार्ट कंपनी के 148 लिफाफे, पॉलिथीन, कार, बाइक बरामद
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। बीटा-2 थाना पुलिस ने ई-कॉमर्स कंपनी के सामान की डिलीवरी की आड़ में शिक्षण संस्थान और कंपनियों में गांजा-चरस तस्करी का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने नॉलेज पार्क के कॉलेज से बीबीए की पढ़ाई कर चुकी छात्रा वर्षा, उसके फुफेरे भाई बुलंदशहर के डिबाई निवासी बिंटू ठाकुर और पिंटू उर्फ कालू व उनके साथी बलिया के जयप्रकाश को गिरफ्तार किया है। आरोपी ऑर्गेनिक गांजा बताकर मोटी रकम वसूलते थे। जबकि मास्टर माइंड रिंकू उर्फ सेठ व उसका साथी सदरपुर का विकास अभी फरार है।
ग्रेटर नोएडा जोन के एडीसीपी अशोक कुमार ने बताया कि पिछले कई दिन से क्षेत्र के शिक्षण संस्थान और कंपनियों में गांजा व चरस की ऑनलाइन डिलीवरी की सूचना मिल रही थी। सोमवार रात बीटा-2 थाना पुलिस क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान नट की मढ़ैया गोल चक्कर के पास मुखबिर की सूचना पर एक कार और एक बाइक सवार की जांच की गई। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 20 किलो गांजा, 400 ग्राम चरस और फ्लिपकार्ट कंपनी के 148 लिफाफे, 41 पैकिंग, पॉलिथीन, इलेक्ट्रॉनिक तराजू बरामद की। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वह फ्लिपकार्ट के लिफाफे व पॉलिथीन में गांजा और चरस की शिक्षण संस्थान और कंपनियों के कर्मचारियों को आपूर्ति करते हैं। लिफाफे सेक्टर-9 स्थित परचून की दुकान से खरीदे गए थे। आरोपियों ने बताया कि बरामद मादक पदार्थ उन्हें एमिटी यूनिवर्सिटी, बेनेट यूनिवर्सिटी, एचसीएल कंपनी और नॉलेज पार्क क्षेत्र स्थित कॉलेज के छात्रों और कर्मचारियों को आपूर्ति करने थे। गिरफ्तार आरोपी पूर्व में भी मादक पदार्थों की तस्करी में जेल जा चुके हैं।
चेन सिस्टम से चल रहा तस्करी का धंधा
पुलिस ने बताया कि वर्षा पूर्व में नॉलेज पार्क स्थित कालेज में बीबीए की पढ़ाई कर चुकी थी। कालेज व क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति के अलावा शिक्षण संस्थानों में किस तरह गांजा-चरस पहुंचाया जा सकता है, इसके अलावा कौन कौन छात्र मादक पदार्थ का सेवन करते हैं, इसकी उसे पूरी जानकारी थी। उसके भाई चिंटू और बिंटू मास्टर माइंड रिंकू उर्फ सेठ के संपर्क में थे। उन्हें भी जिले में मादक पदार्थ खरीदने वाले कंपनी के कर्मचारी व अन्य ग्राहकों की जानकारी थी। चिंटू और बिंटू ने एक व्हाट्स ग्रुप बनाया हुआ है। व्हाट्सएप कॉल कर ग्राहक आरोपियों से संपर्क करते और वर्षा और जयप्रकाश डिलीवरी का काम संभालते थे। पहले वर्षा और जयप्रकाश वेतन पर काम करते थे, बाद में वह साझेदार बन गए।
चकमा देने के लिए फि्लपकार्ट के नाम का इस्तेमाल
वर्षा ओमिक्रान-2 सेक्टर की मिग्सन अल्टिमो सोसाइटी में रहती है और मूलरूप से बुलंदशहर के ऊंचागांव की रहने वाली है। वह पूर्व में नॉलेज पार्क में पढ़ाई करती थी। इसके चलते उस पर कोई शक नहीं करता था। किसी न किसी काम के बहाने वह कॉलेज, विवि और नौकरी के बहाने कंपनियों में प्रवेश कर जाती थी। फि्लपकार्ट की पैकिंग देखकर कोई उनके सामान की चेकिंग भी नहीं करता था। इससे आरोपियों का अवैध धंधा फल फूल रहा था।
शिलांग से गांजा मंगाकर तीन गुना में बेचते हैं
पुलिस ने बताया कि आरोपी शिलांग से 40 हजार रुपये प्रति किलो में गांजा मंगाते हैं। वहां के गांजे की क्वालिटी बेहतर बताई जाती है। इसके चलते आरोपी गांजे को आर्गेनिक बताकर सवा से डेढ़ लाख रुपये की कीमत में दस, बीस और पचास ग्राम की पुड़िया बनाकर बेचते हैं। पुलिस आरोपियों के मोबाइल की जांच कर गांजा खरीदारों व नशे के सौदागरों का पता लगाने का प्रयास कर रही है। पुलिस का कहना है कि रिंकू उर्फ सेठ व विकास की गिरफ्तारी के बाद पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश होगा।