अपर न्यायिक मजिस्ट्रेट रविशंकर मिश्रा की अदालत ने आरक्षित वन क्षेत्र में साल के पेड़ की अवैध कटान के 14 वर्ष पुराने मामले में सहसपुर के लक्ष्मीपुर चांचक निवासी तासीम को दोषी करार दिया। न्यायालय ने दोषी को वन संरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं में एक वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई।
न्यायालय ने आरोपी पर चार हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। दोषी को वन विभाग को 18,730 रुपये की प्रतिकर धनराशि देने के आदेश दिए। मामले में न्यायालय ने तीन आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त करार दिया।
सात जनवरी 2011 को कालसी भूमि संरक्षण वन प्रभाग की चौहड़पुर रेंज में साल के पेड़ की अवैध कटान किया गया था। वन विभाग ने ट्रक से लकड़ी के 10 नग बरामद किए थे। वन विभाग ने सहसपुर के लक्ष्मीपुर चांचक निवासी तासीम, सहसपुर निवासी नदीम शेख, शंकरपुर निवासी पवन, सहसपुर निवासी मुस्ताक, रेडापुर निवासी असजद के खिलाफ वन संरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।
अभियोजन पक्ष न्यायालय के समक्ष नदीम शेख, पवन और मुस्ताक पर आरोप साबित नहीं कर पाया। संदेह का लाभ देते हुए न्यायालय ने तीनों को दोषमुक्त करार दिया। आरोपी असजद के खिलाफ न्यायालय ने 13 जुलाई 2019 को आदेश सुनाया था।
न्यायालय ने मंगलवार को आरोपी तासीम को वन अधिनियम की अलग-अलग धाराओं में दोषी करार देते हुए एक-एक साल के साधारण कारावास और दो-दो हजार अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर आरोपी को 10-10 दिन के अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी। न्यायालय ने आरोपी को 18,730 रुपये की प्रतिकर धनराशि के रूप में वन विभाग को देने के आदेश दिए। न्यायालय ने कहा कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेगी। जेल में बिताई गई अवधि भी सजा में शामिल की जाएगी।