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Noida News: डिफाल्टर आवंटियों के लिए लाया एकमुश्त समाधान योजना

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यीडा बोर्ड बैठक
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डिफाल्टर आवंटियों के लिए लाया एकमुश्त समाधान योजना
- चौथी बार नहीं उठाया लाभ तो निरस्त कर दिए जाएंगे प्लॉट या आवंटन

- 9812 हजार आवंटी और किसान समेत करीब 15 लोग उठाएंगे लाभ
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण ने डिफाल्टर आवंटियों को चौथी और अंतिम बार पेनल्टी कम करते हुए प्लॉट निरस्त करने से बचाने का मौका दिया है। यदि इस बार भी आवंटियों ने बकाया राशि जमा नहीं की तो उनके प्लॉट निरस्तीकरण की कार्रवाई शुरू हो जाएगी। एकमुश्त समाधान योजना को एक अगस्त से शुरू होगी। एक माह तक जारी रहने वाली योजना में 9812 आवंटी और करीब पांच हजार किसान आवंटी (सात फीसदी भूखंड वाले) समेत करीब 15 हजार आवंटी शामिल है। इनका केवल पैनल इंस्टरेस्ट माफ किया जाएगा। इन पर करीब 4439 करोड़ रुपये बकाया है।
सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि प्राधिकरण ने डिफाल्टर आवंटियों को अंतिम मौका दिया है। इससे वह बकाया धनराशि को छूट के सात एकमुश्त जमा करके अपने प्लॉट का निरस्तीकरण बचा सकेंगे। यदि उन्होंने फिर भी राशि जमा नहीं की तो इस बार प्लॉट निरस्त कर दिए जाएंगे। सभी आवंटियों के मेल व पत्राचार के माध्यम से सूचना भी दी जाएगी। यह राशि आवंटियों को 60 दिन के अंदर जमा करानी होगी। यदि राशि 50 लाख रुपये की राशि अधिक है तो 90 दिन का समय मिलेगा। योजना में आवासीय, मिश्रित, संस्थागत और ईडब्ल्यूएस, एलआईजी व एमआईजी के अलावा बीएचएस आदि परियोजनाएं शामिल होंगी। इससे प्राधिकरण को करीब 890 करोड़ रुपये का नुकसान होगा।
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किसानों से सहमति के आधार पर ली जाएगी 3340 एकड़ जमीन
नोएडा हवाई अड्डे के पास टप्पल-बाजना में जापानी और कोरियाई सिटी समेत लॉजिस्टिक और वेयरहाउस परियोजनाओं के लिए 1620 एकड़ जमीन किसानों से सहमति के आधार पर खरीदी जाएगी। इसके अलावा सेक्टर-11 में 800 एकड़ जमीन पर सेमीकंडक्टर समेत कई औद्योगिक इकाइयां स्थापित की जाएंगी। वहीं यमुना सिटी के सेक्टर-9 में 820 एकड़ जमीन पर एजूकेशन हब (यूनिवर्सिटी हब) बनाया जाएगा। इस तरह कुछ 3340 एकड़ जमीन खरीदी जाएगी और इस पर पांच हजार करोड़ रुपये से अधिक राशि खर्च की जाएगी।


नौ गांवों के किसानों को अतिरिक्त मुआवजा के रूप में मिलेंगे 600 करोड़
यीडा जमीन अधिग्रहण के खिलाफ हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट गए किसानों को 64.7 फीसदी अतिरिक्त मुआवजा के रूप में करीब 600 करोड़ रुपये वितरित करेगा। इनमें उस्मानपुर, धनौरी, कादरपुर, रुस्तमपुर, डूंगरपुर रिलखा, रामपुर बांगर, पचोकरा और अच्छेजा बुर्जुग के किसान शामिल हैं। वहीं 17 गांवों के 205 लीजबैक के प्रकरणों को भी अगले माह से निपटाने की बोर्ड से सहमति मिल गई है। दोनों मामलों में करीब 15 हजार किसानों को लाभ मिलेगा।


32 हजार आवंटियों को मिली राहत

प्राधिकरण ने पिछले दिनों लोगों को जल्दी बसाने के लिए मार्च तक लीज डीड कराने व कंप्लीशन व नक्शा पास कराने के लिए अल्टीमेटम दिया था। मगर कोर्ट में किसानों के लंबित प्रकरण की वजह से लीज डीड और रजिस्ट्री नहीं हो सकी थी। अब ऐसे करीब 32 हजार आवंटियों को यमुना प्राधिकरण ने राहत दी है। अब लीज डीड कराने के लिए 30 सितंबर 2023 तक का समय दिया है। जबकि प्लॉट पर कंस्ट्रक्शन करने या कंप्लीशन लेने के लिए 31 मार्च 2024 तक का समय दिया है। इनमें औद्योगिक, व्यावसायिक, वाणिज्यिक और किसानों के सात फीसदी भूखंडों के आवंटी भी शामिल हैं।
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किसानों को मिलेगा 3100 रुपये प्रति वर्गमीटर का मुआवजा
बोर्ड बैठक में जिले में आने वाले सभी गांवों की जमीन का मुआवजा एकसमान कर दिया है। अब जल्द ही 3100 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से मुआवजा मिलेगा। फैसले पर बोर्ड ने मुहर लगा दी है अब शासन से अनुमति मिलने का इंतजार है। अहम है कि एयरपोर्ट से प्रभावित किसानों को 3100 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से मुआवजा मिलता था। जबकि अन्य परियोजना के किसानों को 400 रुपये कम मुआवजा दिया जाता था।
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