इंजीनियर की नौकरी झांसा देकर एक लाख की ठगी
ग्रेटर नोएडा। भरतपुर राजस्थान निवासी युवक को होंडा कंपनी में मेंटेनेंस इंजीनियर की नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगों ने ग्रेटर नोएडा बुलाया और फिर विभिन्न मदों में लगभग एक लाख रुपये ठग लिए। इसके बावजूद पीड़ित को नौकरी नहीं मिली। वहीं, रुपये वापस मांगने पर कॉल करने वाली युवती ने मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया। पीड़ित ने मामले की तहरीर सूरजपुर कोतवाली में देकर रिपोर्ट दर्ज कराई है। पीड़ित रुपये वापस मिलने की आस मेें तिलपता गांव में किराये पर कमरा लेकर रह रहा है।
भरतपुर राजस्थान के बृज विहार निवासी रवि कुमार ने बताया कि वह एक साल पहले ग्रेटर नोएडा में ही नौकरी करता था, लेकिन किसी कारणवश नौकरी छूट गई थी। इसके बाद वह राजस्थान लौट गया। बताया कि नौकरी की तलाश में उसने साइन डॉट कॉम पर अपना बायोडाटा डाल रखा था। 3 अक्तूबर को उसके मोबाइल पर एक मैसेज आया। इस पर लिखे नंबर पर उसने कॉल की तो सोनिया नाम की युवती ने उससे कहा कि होंडा कंपनी में मेंटेनेंस इंजीनियर के पद पर आपकी नौकरी लग सकती है। सोनिया ने रवि से व्हाट्सएप पर दस्तावेज आदि मंगा लिए। इसके बाद सोनिया ने कॉल कर उसे जानकारी दी कि 14 अक्टूबर को कंपनी में ज्वाइन करना है। उससे पहले कुछ औपचारिकताएं हैं, जिन्हें पूरी करने के लिए ग्रेटर नोएडा आना होगा। रवि ने बताया नौकरी लगने की जानकारी मिलने पर वह नौ अक्टूबर को ग्रेटर नोएडा आ गया और तिलपता में किराये पर कमरा लेकर रहने लगा।
ज्वाइन करने से पहले मांगी रकम
रवि ने बताया कि सोनिया ने 12 अक्तूबर को कॉल कर कहा कि उसकी औपचारिकताएं सभी पूरी कर ली गईं हैं। केवल उसे डायरेक्ट ज्वाइनिंग की फीस छह हजार रुपये जमा करानी होगी। रवि ने बताए गए खाते में रुपये जमा कर दिए। इसके बाद उसे कॉल कर कहा कि कंपनी के गेट पास के लिए 20 हजार, मेडिकल के 36 हजार, एचआर का चार्ज 14050 रुपये जमा करने होंगे। पीड़ित नौकरी की लालसा में रुपये जमा करता रहा, लेकिन नौकरी नहीं लगी। इसके बाद पीड़ित मामले की जानकारी करने होंडा कंपनी पहुंचा तो सुरक्षाकर्मी ने उसे अंदर नहीं जाने दिया। पीड़ित ने रुपये वापस करने की मांग कि तो उन्होंने 40-60 दिन का समय दिया। 40 दिन से अधिक समय का इंतजार करने के बाद पीड़ित ने पुलिस को शिकायत दी। अब पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की है।
फर्जी कॉल सेंटर और सैकड़ों लोगों से ठगी की आशंका
सांसद सुरेंद्र नागर ने राज्यसभा में उपभोक्ता का डाटा चोरी करने और गौतमबुद्ध नगर में फर्जी कॉल सेंटर चलने का मामला उठाया था। वहीं, राजस्थान के रवि कुमार से ठगी का मामला भी कुछ इसी तरह का है। पुलिस इसकी पड़ताल में जुट गई है। आशंका जताई जा रही है कि यहां चल रहे एक कॉल फर्जी कॉल सेंटर ने रवि जैसे सैकड़ों लोगों को ठगी का शिकार बनाया होगा, जो अब भी जारी है।
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