ग्रेनो की तर्ज पर नोएडा और सेंट्रल जोन में भी बनेंगे पारिवारिक विवाद समाधान केंद्र
- तीन साल में जिले में दंपती के विवाद के आए 3978 मामले, 3508 घर टूटने से बचाए
- केवल 1328 मामलों में दर्ज हुई एफआईआर, शेष मामलों में चल रही काउंसलिंग
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। नॉलेज पार्क स्थित पारिवारिक विवाद समाधान केंद्र (एफडीआरसी) की तर्ज अब नोएडा और सेंट्रल जोन में भी केंद्र बनाए जाएंगे। वर्ष 2020 से 2023 तक जिले के नॉलेज पार्क स्थित केंद्र, महिला थाने और महिला सेल में पारिवारिक विवाद के 3978 मामले आए हैं। इनमें काउंसलिंग कर 3508 घर टूटने से बचाए गए। नॉलेज पार्क के 118 समेत कुल 1328 मामलों में केस दर्ज कराने की नौबत आई। नॉलेज पार्क स्थित केंद्र के तीन वर्ष पूरे होने के बाद आयोजित कार्यक्रम में ये जानकारी पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने दी।
पुलिस कमिश्नर ने कहा कि एफआइआर दर्ज करना या किसी को जेल भेजना पुलिस के लिए आसान है। जबकि किसी टूटते परिवार को बचाना बहुत महत्वपूर्ण है। एफडीआरसी गौतमबुद्ध नगर कमिश्नरेट के महिला सहायता प्रकोष्ठ की प्रोफेशनल काउंसलिंग और मीडिएशन इकाई है। जहां पारिवारिक विषयों को सुलझा कर परिवारों को जोड़ा जाता है। केंद्र की शुरुआत जुलाई 2020 में की गई थी। यहां पारिवारिक विवाद, घरेलू हिंसा, सहमति संबंधों से जुड़े विवाद मध्यस्थता से सुलझाने के लिए रेफर किए जाते हैं। शारदा यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों एवं पुलिस के संयुक्त पैनल द्वारा मध्यस्थता की सेवाएं प्रदान की जाती हैं। इन विशेषज्ञों में मनोवैज्ञानिक, मनोचिकित्सक व कानून विशेषज्ञ शामिल हैं। इसके अलावा महिला सेल और महिला थाने में भी इसी तरह से महिलाओं से जुड़े पारिवारिक विवाद सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है। महिला सहायता प्रकोष्ठ में 2020 से लेकर नवंबर 2023 तक 2890 प्रकरण सुने गए। जिसमें 2619 परिवारों को जोड़ा गया। कुल 1210 मामले दर्ज कराए गए हैं।
87.80 फीसदी मामलों में एफडीआरसी को मिली सफलता
नॉलेज पार्क के एफडीआरसी ने तीन साल में 87.80 फीसदी मामलों के निस्तारण में सफलता पाई है। यह जिले के दो अन्य केंद्रों से कहीं ज्यादा है। इसके चलते सेंट्रल जोन स्थित सेक्टर-108 की महिला सेल और नोएडा के महिला थाने में भी एफडीआरसी की तर्ज पर केंद्र बनाकर विशेषज्ञों के माध्यम से काउंसलिंग कराई जाएगी। इस अवसर पर पुलिस कमिश्नर ने एफडीआरसी के सदस्यों को सम्मानित किया। मौके पर पुलिस आयुक्त मुख्यालय बबलू कुमार, शारदा विवि के चांसलर वाई के गुप्ता, निदेशक पीआर अजीत कुमार, डीसीपी महिला सुरक्षा प्रीति यादव, एसीपी महिला सुरक्षा वर्णिका सिंह, काउंसलर एंड कार्डिनेटर डा. रितु गौतम, डॉ. अर्चना धनकर, डा. अविनाश के गोस्वामी, डा. संचिता, भावना उपाध्याय, डा. रुचि गौतम, डॉ किरण शर्मा, डॉ शिवानी चौहान, केंद्र प्रभारी गायत्री यादव आदि मौजूद रहे। ब्यूरो