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‘साहब, नहीं देखा जाता बेटे का दर्द’: एक मां की गुहार पर जिलाधिकारी ने की मदद, इस बीमारी से पीड़ित है बेटा

Mon, 08 Aug 2022 07:26 PM IST
प्रशांत कुमार माई सिटी रिपोर्टर, ग्रेटर नोएडा।

सार

जिलाधिकारी ने अफसरों को बुलाया और बच्चे को एंबुलेंस से नोएडा स्थित चाइल्ड पीजीआई भेजा। साथ ही चिकित्सकों को निर्देश दिए कि हर संभव मदद की जाए।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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‘साहब... बेटा नौ साल का है, हर समय बिस्तर पर रहता है। न बोल सकता और न चल सकता है। बहुत जगह इलाज करवाया, लेकिन अब पैसे नहीं हैं। बेटे का इलाज करवा दीजिए। यह चलना या फिर बोलना शुरू कर दें।’ यह दर्द तिलपता गांव निवासी महिला का है, जो सोमवार को कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी से गुहार लगा रही थी। इस पर डीएम ने बच्चे को चाइल्ड पीजीआई भेजा और इलाज कराने का भरोसा दिलाया। साथ ही चिकित्सकों को निर्देश दिए कि हर संभव मदद की जाए।

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मूल रूप से मथुरा निवासी पूजा परिवार के साथ ग्रेनो के तिलपता गांव में किराए पर रहती है। पति रास बिहारी ट्रक चालक है। सोमवार को पूजा बेटे तुषार को गोद में लेकर कलेक्ट्रेट पहुंची और डीएम से इलाज की फरियाद की। महिला ने डीएम को बताया कि दिल्ली से आगरा तक इलाज कराया, लेकिन बेटा ठीक नहीं हुआ। अब इलाज के लिए पैसे नहीं हैं। कई साल से विकास भवन में के चक्कर लगा रही हूं। बड़ी मुश्किल से विभाग व्हीलचेयर दी, लेकिन अन्य किसी तरह की मदद नहीं मिल रही।

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ऑक्सीजन की कमी से सूख गया दिमाग
पिता रास बिहारी के अनुसार, डॉक्टरों का कहना है कि ऑक्सीजन की कमी से बच्चे का दिमाग सूख गया। एम्स के डॉक्टरों ने इसका इलाज नहीं होने की बात कही है। केवल बुखार आने पर दवाई देने की सलाह दी गई है। डॉक्टरों ने बताया कि ऐसे बच्चों की उम्र 15 से 16 वर्ष होती है। 
बच्चा दिमागी रूप से बीमार है। इलाज के लिए उसे चाइल्ड पीजीआई भेजा गया है। पीड़ित की हर संभव मदद की जा रही है। - सुहास एलवाई, जिलाधिकारी
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