यमुनानगर। राज्यस्तरीय कपालमोचन मेले में मंगलवार रात कार्तिक पूर्णिमा का स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। स्नान के लिए कपालमोचन की सड़कों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं ने कपालमोचन, ऋणमोचन और सूरजकुंड सरोवर में स्नान करने के बाद वहां दीपदान किया। आधी रात को ठंड और ठंडे पानी की परवाह किए बिना ही श्रद्धालुओं ने सरोवरों में आस्था की डुबकी लगाई। पांच नवंबर की रात आधिकारिक तौर पर मेले का समापन हो जाएगा। वैसे दुकानें लगी रहने से मेला छह नवंबर को भी दिनभर जारी रहेगा। रात तक मेला में करीब साढ़े चार लाख श्रद्धालु पहुंच चुके थे।
मंगलवार रात को जैसे ही 12 बजे तो कपालमोचन स्थित गुरुद्वारा साहिब पहली व दसवीं पातशाही में आतिशबाजी शुरू हो गई। आतिशबाजी की रंग बिरंगी रोशनी से आसमान जगमग हो गया। यह आतिशबाजी इस बात का संकेत थी कि कार्तिक पूर्णिमा शुरू हो चुकी है और अब श्रद्धालु सरोवरों में स्नान कर सकते हैं। स्नान के लिए सड़कों पर श्रद्धालुओं का ऐसा हजूम उमड़ा की कि पुलिस को भी उन्हें संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
एक दूसरे से बिछड़ न जाएं इसलिए श्रद्धालु एक दूसरे की चादर व हाथ को पकड़ कर चल रहे थे। इससे पूर्व श्रद्धालुओं ने दिनभर कपालमोचन में गुरुद्वारा पहली एवं दसवीं पातशाही, गऊ बच्छा मंदिर, श्री गुरु रविदास मंदिर, सूरजकुंड कुंड पर बाबा दूधाधारी की समाधि पर माथा टेका।साथ ही मेला में लगी दुकानों से घर के लिए काफी खरीदारी की।
कपालमोचन मेला में कार्तिक पूर्णिमा की रात रंग बिरंगी रोशनी ने सभी को अपनी और आकर्षित किया। डी