ग्रेटर नोएडा। कुलेसरा गांव निवासी बुजुर्ग दंपती मंगलवार सुबह अपने कमरे में मृत पाए गए। दंपती सोमवार रात कमरे में कोयले की अंगीठी जलाकर सोए थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने से जान जाने की बात सामने आई है। दोनों की पहचान मूलरूप से बिहार के कटिहार निवासी मोतीलाल गोस्वामी (72) पत्नी सिमरी देवी (70) के साथ किराये के मकान में रहते थे। जबकि परिवार के अन्य सदस्य पास में ही दूसरे मकान में रहते हैं। मंगलवार सुबह उनका कमरा नहीं खुला। पड़ोसियों को मामले की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची ईकोटेक-3 थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। डीसीपी सेंट्रल नोएडा हरिश्चंद्र ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने से मौत होने की जानकारी दी गई है।
कार्बन मोनोऑक्साइड दिमाग को सोते समय कर देता है शिथिल
बंद कमरे में अंगीठी जलाने से आक्सीजन कम हो जाती है और कार्बन मोनो ऑक्साइड की मात्रा बढ़ जाती है। ऐसे में सोते समय ही ब्रेन (दिमाग) की नसें शिथिल पड़ने लगती हैं और लोग बेहोशी की स्थिति में पहुंच जाते हैं। धीरे-धीरे हिमोग्लोबिन में कार्बोक्सी की मात्रा अधिक होने से लोगों की मौत तक हो जाती है। - डॉ. सौरभ श्रीवास्तव, वरिष्ठ फिजीशियन, मुख्य चिकित्साधिकारी, जिम्स
अंगीठी का प्रयोग करते दरवाजा या खिड़की खुला रखें
जिले में प्रत्येक वर्ष अंगीठी, हीटर चलाकर सोने से अगले दिन मौत होने के कई मामले आते हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि अंगीठी या हीटर का प्रयोग करते वक्त कमरे में थोड़ी सी खिड़की या दरवाजा जरूर खुला रखें। जिससे कमरे की हवा बदलती रहती है और कार्बन मोनो ऑक्साइड का असर कम रहे।