ग्रेटर नोएडा। किसान भूआवंटन प्रकरण में संविदा पर तैनात दो प्रबंधकों की बर्खास्तगी के बाद प्राधिकरण के अन्य संविदा अधिकारियों पर संदेह गहरा गया है। आला अधिकारियों ने महत्वपूर्ण पदों पर तैनात अफसरों की निगरानी करानी शुरू कर दी है। निगरानी करने के लिए समिति गठित कर दी गई है। अधिकारियों के मुताबिक कई और अधिकारियों की शिकायत पर जांच चल रही है और जल्द ही कोई कार्रवाई भी हो सकती है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में तीन दिन पहले छह फीसदी भूखंड में तैनात पवन कुमार और दिनेश नामक संविदा पर तैनात प्रबंधकों को मुुख्य कार्यपालक अधिकारी ने बर्खास्त कर दिया था। इसी तरह कई और अधिकारी-कर्मचारियों की उनको शिकायत मिली थी। उनकी जांच के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों की कमेटी बनाकर उनके कार्य पर निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही जिन अफसरों पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी हैं उन पर विशेष निगरानी रखने की बात कही गई है। सीईओ ने साफ कहा है कि जो भी संविदाकर्मी किसी तरह की गड़बड़ी करता है उसे चेतावनी नहीं बल्कि बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा।
महत्वपूर्ण काम से जल्द ही हटेंगे संविदा पर तैनात अफसर
पिछले दो सप्ताह में प्राधिकरण से 30 से अधिक अफसर और कर्मचारियों का तबादला हो गया है। अब अधिकारियों के आ जाने के बाद इन अधिकारियों को मूहत्वपूर्ण पदों से हटाकर समान्य कार्य दिया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार कुछ संविदा अधिकारी-कर्मचारियों की नियुक्ति मानकों के अनुरूप नहीं हुई है। इस तरह के कर्मचारियों पर भी कार्रवाई होगी।
प्राधिकरण में लंबे समय से संविदा पर अधिकारी और कर्मचारी रखे जाते रहे हैं। संविदा पर तैनात अधिकारियों के गलत कार्य-आचरण को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब उनको सीधे बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। - सुरेंद्र सिंह, मुख्य कार्यपालक अधिकारी ग्रेनो प्राधिकरण।