जरूरत पड़ी तो नोएडा में लागू होगा सम-विषम फॉर्मूला
नोएडा। प्रदूषण से निपटने के लिए 4 नवंबर से दिल्ली में एक बार फिर सम-विषम फार्मूला लागू होने जा रहा है। जाम से जूझ रहे नोएडा में भी सम-विषम नंबरों की गाड़ियां चलाने का सुझाव जिला प्रशासन की तरफ से ट्रैफिक पुलिस को दिया गया है। हालांकि, इस पर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है। यदि दिल्ली के प्रयोग से नोएडा में जाम का झाम खत्म नहीं हुआ तो यहां भी यह फार्मूला लागू किया जा सकता है।
ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि साल 2015 में भी दिल्ली में सम-विषम व्यवस्था लागू की गई थी। इससे नोएडा की सड़कों पर वाहनों का दबाव काफी कम हो गया था। इस बार भी दिल्ली के प्रयोग से नोएडा की सड़कों को राहत मिलने की काफी उम्मीद है। एक अनुमान के मुताबिक करीब आठ लाख वाहन रोजाना दिल्ली-नोएडा के बीच आवाजाही करते हैं। 4 नवंबर से सम-विषम नंबर के वाहन ही दिल्ली की सड़कों पर चल सकेंगे। ऐसी स्थिति में 4 से 5 लाख वाहनों का दबाव नोएडा की सड़कों पर कम होने का अनुमान है।
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कार पूल का होगा विकल्प
सम-विषम नंबर की गाड़ियां अलग-अलग दिन दिल्ली में चलेंगी। ऐसे में नोएडा से दिल्ली या दिल्ली होकर अन्य शहरों में नौकरी करने वाले लोगों के पास कार पूल का विकल्प होगा। फिलहाल, दिल्ली-नोएडा के बीच आवाजाही करने वाले बेहद कम लोग एक ही वाहन का इस्तेमाल करते हैं। सम-विषम के बाद इसेे बढ़ावा मिलेगा।
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मेट्रो पर बढ़ेगा भार
दिल्ली-नोएडा के बीच पहले ही फुल होकर चल रही मेट्रो पर सम-विषम व्यवस्था लागू होने के बाद भार और अधिक बढ़ जाएगा। इसके लिए मेट्रो प्रबंधन को तैयारियां करनी होंगी। मेट्रो की फ्रीक्वेंसी और ज्यादा बढ़ानी होगी। इस दौरान मेट्रो स्टेशनों के आसपास पार्किंग की किल्लत यात्रियों को परेशान कर सकती है।
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ई-रिक्शा व ऑटो बिगाड़ेंगे व्यवस्था
सम-विषम व्यवस्था लागू होने के बाद ई-रिक्शा और ऑटो वाले यातायात व्यवस्था बिगाड़ सकते हैं। इसके लिए ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की ड्यूटी मुख्य चौराहों और मेट्रो स्टेशनों के आसपास लगाई जाएगी। इसके अलावा कैब व टैक्सी चालकों को भी व्यवस्था बनाने के लिए जागरूक किया जाएगा।