नवजात का सौदा कराने वाली नर्स और प्रेमी गिरफ्तार
अस्पताल पर लगा ताला, 2.60 लाख में हुआ था पांच दिन की बच्ची का सौदा
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। बिसरख कोतवाली पुलिस ने नवजात बच्ची का सौदा करने के मामले में वांछित नवजीवन अस्पताल की नर्स और उसके प्रेमी को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को न्यायालय में पेश कर जेल भेजा गया है।
इस पूरे प्रकरण में पुलिस पहले ही पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। वहीं पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नवजीवन अस्पताल पर ताला जड़ दिया है। जल्द ही स्वास्थ्य विभाग की टीम दस्तावेजों की जांच के बाद अस्पताल को सील कर सकती है। वहीं बच्ची की मां का अब तक पता नहीं चल सका है। बिसरख कोतवाली प्रभारी निरीक्षक कृष्ण गोपाल शर्मा के अनुसार, गिरफ्तार नर्स की पहचान पुष्पा रानी निवासी मथुरा और उसके प्रेमी की पहचान अरुण कुमार निवासी बिसरख के रूप में हुई है। शुरुआती जानकारी में अरुण को नर्स का पति बताया जा रहा था लेकिन जांच में स्पष्ट हुआ कि दोनों ने शादी नहीं की थी और आपसी संबंध में थे। पुलिस जांच में सामने आया कि नवजीवन अस्पताल में डिलीवरी के बाद नवजात बच्ची को उसकी मां वहीं छोड़कर चली गई थी। इसके बाद अस्पताल संचालिका यशिका गर्ग ने नर्स पुष्पा रानी से संपर्क कर बच्ची को बेचने की योजना बनाई। नर्स ने अपने प्रेमी अरुण कुमार को इस काम में शामिल किया था, जिसने ऐस सिटी सोसाइटी निवासी दंपती से संपर्क कर बच्ची का सौदा 2.60 लाख रुपये में तय कराया था। पुष्पा रानी तीन वर्ष पहले नवजीवन अस्पताल में कार्यरत थी लेकिन बाद में नौकरी छोड़ दी थी। वर्तमान में वह घर-घर जाकर मरीजों की देखभाल का काम करती थी। फिर भी अस्पताल संचालिका के संपर्क में बनी हुई थी। इसी संपर्क के चलते उसे इस अवैध सौदे में शामिल किया गया।
लिंग परीक्षण के मामले की भी हो रही जांच
जानकारी के अनुसार, जांच के दौरान नवजीवन अस्पताल में अवैध रूप से लिंग परीक्षण कराए जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम अस्पताल के रिकॉर्ड रूम के दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद अस्पताल को सील करने की कार्रवाई की जाएगी। वहीं पुलिस का ध्यान उस महिला की पहचान पर केंद्रित है, जिसने बच्ची को जन्म दिया था। डिलीवरी रजिस्टर की जांच की जा रही है, जिससे अंजली नाम की महिला की सही पहचान की जा सके। महिला की पहचान होने के बाद मामले के कई और महत्वपूर्ण पहलू सामने आ सकते हैं। जानकारी के अनुसार नवजात को जन्म देने वाली युवती अविवाहित थी और अपनी मां के साथ अस्पताल पहुंची थी। युवती की मां ने ही अस्पताल संचालिका से बातचीत कर डिलीवरी कराई थी और बच्ची को अस्पताल में छोड़ने की सहमति बनाई थी। डिलीवरी के बाद मां-बेटी बच्ची को वहीं छोड़कर फरार हो गईं। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।