कंझावला कांड के बाद निर्देश जारी, पुलिस उपायुक्त ने कहा, पहले से जारी यह व्यवस्था
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। कंझावला कांड के दौरान सड़क पर पुलिसकर्मियों की मौजूदगी पर उठे सवालों के बाद आला अधिकारियों ने थानों के लिए सख्त आदेश जारी किए हैं। इसमें कहा गया है कि थाना प्रभारी, एटीओ और इनवेस्टिगेशन इंस्पेक्टर को अपनी लाइव लोकेशन शेयर करनी होगी।
आदेश में कहा गया है कि सभी थाना प्रभारी और उनके समकक्ष थाने में तैनात दो निरीक्षक इलाके में गश्त करेंगे। वह रात 12 से सुबह 4 बजे तक की लाइव लोकेशन शेयर करेंगे। उन्हें अपनी लोकेशन अपडेट करनी होगी। साथ ही कहा गया है कि पुलिस उपायुक्त की अनुमति के बिना कोई पुलिसकर्मी थाने से बाहर नहीं जा सकेंगे।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि इस तरह के सख्त निर्देश कंझावला कांड को लेकर लेकर जारी किए गए हैं। उस रात अंजलि को कार से घसीटे जाने के दौरान 13 किलोमीटर के रास्ते में किसी भी पुलिसकर्मी के मौजूद नहीं होने को लेकर सवाल उठ रहे थे। नए साल के पहले जहां पुलिस की मुस्तैदी होनी चाहिए थी वहीं पूरे रास्ते पर एक भी पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थे। गृहमंत्रालय की ओर से गठित विशेष टीम भी उस दौरान हुई चूक को लेकर जांच कर रही है।
रोहिणी के जिला पुलिस उपायुक्त गुरइकबाल का कहना है कि इस घटना के बाद कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। जिले में पहले से ही इस तरह की व्यवस्था है। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक मैसेज के जरिये बताया गया कि सुल्तानपुरी की घटना को लेकर रोहिणी जिले के 25 पुलिसकर्मियों को लाइनहाजिर कर दिया गया है। हालांकि, जिले के पुलिस उपायुक्त ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की कोई कार्रवाई नहीं की गई है और यह पूरी तरह से अफवाह है।