फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida News: अब उम्मीद पोर्टल पर होगी वक्फ संपत्तियों की कुंडली

विज्ञापन
विज्ञापन
खास खबर
विज्ञापन

- शिया व सुन्नी की 2178 हैं वक्फ संपत्तियां, पोर्टल पर मुतवल्ली का भी दर्ज होगा पूरा विवरण


उत्तम बाजपेई
फर्रुखाबाद। अब उम्मीद पोर्टल पर वक्फ संपत्तियों की पूरी कुंडली होगी। वक्फ संपत्तियों का पूरा ब्योरा ऑनलाइन मिल सकेगा। इससे विवाद और अवैध कब्जों से काफी हद तक निजात मिलेगी।

जिले में 2178 वक्फ संपत्तियां हैं। इसमें 15 संपत्तियां शिया वक्फ बोर्ड में दर्ज हैं, जबकि 2163 संपत्तियां सुन्नी वक्फ बोर्ड की हैं। कई वक्फ संपत्तियां विवादित हैं। इन पर अवैध कब्जा होने के साथ प्लाटिंग भी हो चुकी है। वहीं कई स्थानों पर सरकारी भूमि को वक्फ संपत्ति के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।
विज्ञापन

इसमें पारदर्शिता के लिए शासन से वक्फ संपत्तियों को ऑनलाइन करने के आदेश दिए गए हैं। इसके लिए उम्मीद पोर्टल बनाया गया है। अब वक्फ संपत्तियों का रकवा, चौहद्दी सहित पूरा विवरण दर्ज किया जाएगा। फीडिंग में सहयोग के लिए सुन्नी वक्फ बोर्ड ने दो व शिया वक्फ बोर्ड ने पांच जिला समन्वयक नियुक्त किए गए हैं। इससे वक्फ संपत्तियों का पूरा विवरण ऑनलाइन मिल सकेगा। फीडिंग के लिए मुतवल्ली (संपत्ति का रक्षक) को मेकर और वक्फ बोर्ड को चेकर व एप्रूवर बनाया गया है।
इस तरह भरना होगा वक्त संपत्ति का विवरण
उम्मीद पोर्टल पर फीडिंग के दौरान सबसे पहले वक्फ संपत्ति के मुतवल्ली का निजी अभिलेखों के साथ विवरण फीड किया जाएगा। इसके बाद वक्फ संपत्ति रजिस्टर संख्या, वक्फ का प्रकार, वक्फ का तरीका, वक्फ की प्रकृति, स्थापना तिथि, वक्फ पंजीकरण तिथि, वक्फनामा/पंजीकरण की पीडीएफ, क्षेत्रफल वक्फनामा के दौरान व मौजूदा स्थिति का, वक्फ का पता, तहसील, खसरा-खतौनी उम्मीद पोर्टल पर फीड की जाएगी। इसके अलावा वक्फ की चौहद्दी सीमा, किराएदार का विवरण, वक्फ की वार्षिक आय, वक्फ भूमि सरकारी या विवादित है या नहीं, वक्फकर्ता का नाम, संप्रदाय, परिवार के सदस्य, जीवन साथी का नाम व बैंक विवरण भी पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा।
विज्ञापन


पांच दिसंबर तक होनी है फीडिंग
जिले की सभी 2178 वक्फ संपत्तियों की उम्मीद पोर्टल पर फीडिंग की जाएगी। इसमें चौहद्दी, रकबा व वक्फनामा लिखने वाले का नाम, वक्फनामा का समय का भी उल्लेख होगा। पांच दिसंबर तक फीडिंग पूर्ण करने के आदेश दिए गए हैं।-जितेंद्र कुमार - जिला अल्प संख्यक कल्याण अधिकारी फर्रुखाबाद।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें