सीएम ने एमसीडी को दिए निर्देश, कूड़े से बिजली बनाने की प्रक्रिया तेज करने को कहा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी को कचरे के ढेर से मुक्त कराने के लिए बुधवार को दिल्ली सरकार में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में बड़े फैसले लिए गए। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों से साफ कहा कि गाजीपुर, भलस्वा और ओखला लैंडफिल साइट से दिसंबर-2026 तक पूरी तरह से कूड़ा हटाया जाए। इसके लिए एमसीडी को हर जरूरी संसाधन और सहयोग दिया जाएगा। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने जुलाई में भी बैठक की थी।
मुख्यमंत्री ने शहरी विकास मंत्री आशीष सूद, महापौर सरदार राजा इकबाल सिंह, उपमहापौर जय भगवान यादव, स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा, आयुक्त अश्वनी कुमार सहित दिल्ली सरकार व एमसीडी के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक में आदेश दिया कि नरेला, गाजीपुर, ओखला और तेखंड के अपशिष्ट से ऊर्जा (डब्ल्यूटीई) संयंत्रों को हर हाल में जल्द शुरू किया जाए। अब एक किलो ताजा कचरा भी लैंडफिल पर नहीं जाना चाहिए। उनके कार्यालय की ओर से पावर ट्रांसमिशन लाइनों के स्थानांतरण से संबंधित मुद्दों को समय पर सुलझाने के लिए सक्रिय रूप से हस्तक्षेप किया जाएगा। कूड़े से बिजली बनाने की प्रक्रिया को तेज करना होगा।
10 मल्टीलेवल पार्किंग होंगी विकसित
बैठक में करोल बाग और कमला नगर जैसे भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में 10 मल्टीलेवल पार्किंग विकसित करने का फैसला लिया गया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आप जगह चिन्हित कीजिए सरकार हर मदद करेगी। साथ ही, एमसीडी के पार्कों की दुर्दशा पर भी चिंता जताई। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि पार्कों को स्वच्छ, सुरक्षित और खूबसूरत बनाने की योजना तुरंत लागू हो ताकि दिल्ली की हरियाली बढ़े और प्रदूषण से भी राहत मिले। मुख्यमंत्री ने एमसीडी को निर्देशित किया कि वह एक व्यापक वित्तीय प्रस्ताव तैयार करे, जिसमें मौजूदा सफाई कर्मचारियों और माली आदि की आवश्यकताओं को शामिल किया जाए ताकि जमीनी स्तर पर संचालन को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।
कूड़ा मुक्त अभियान दो अक्तूबर तक चलेगा
बैठक में दिल्ली को कूड़े से आजादी अभियान की समयसीमा अब दो अक्तूबर तक बढ़ा दी गई। इसे 31 अगस्त को खत्म होना था। इस माह दिल्ली सरकार ने अभियान के तहत कूड़ा उठाने की धीमी रफ्तार पर नाराजगी जताते हुए एमसीडी को कड़ा पत्र लिखा था जिसमें अधिकारियों को रोजाना सुबह इलाके में दौरा करने के आदेश, कूड़ा उठाने व दौरे करने की प्रतिदिन रिपोर्ट मांगी गई थी।