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Noida News: इंटरचेंज स्टेशन के लिए अब एफओबी ही सहारा, प्रस्ताव भेजा

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इंटरचेंज स्टेशन के लिए अब एफओबी ही सहारा, प्रस्ताव भेजा
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- एक्वा लाइन के सेक्टर-51 और ब्लू लाइन के सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशनों के बीच हॉल्ट स्टेशनों पर हुआ मंथन
- एक्वा लाइन विस्तार का मामला भी लंबित, अगले दस दिन में होगा फैसला


माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। एक्वा लाइन के सेक्टर-51 और ब्लू लाइन के सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशनों के बीच फंसे इंटरचेंज स्टेशन के मामले में अब फुटओवर ब्रिज (एफओबी) ही एकमात्र सहारा बचा हुआ है। इस बाबत एक प्रस्ताव केंद्रीय मंत्रालय भेजा गया है, जो कि पीएमओ तक भी पहुंचा है। माना जा रहा है कि अगले दस दिनों में ग्रेनो वेस्ट मेट्रो परियोजना और एक्वा लाइन विस्तार की योजना पर फैसला होगा।
दरअसल, नोएडा में एक्वा लाइन के सेक्टर-51 मेट्रो स्टेशन और ब्लू लाइन के सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशनों के बीच की दूरी विवाद की जड़ में है। नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनएमआरसी) की ओर से ग्रेनो वेस्ट तक एक्वा लाइन के विस्तार की डिटेल्ट प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) केंद्र सरकार के मंत्रालय को भेजी गई है। इस परियोजना का टेंडर निकालने के लिए परियोजना की मंजूरी का इंतजार है। लेकिन समीक्षा में यहां इंटरचेंज स्टेशन को लेकर मामला फंस गया है।
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दोनों स्टेशनों के बीच ज्यादा दूरी होने की वजह से परियोजना पर असर पड़ रहा है। समीक्षा के दौरान दोनों लाइनों के बीच की दूरी को भी कम करने पर चर्चा हुई। लेकिन किसी भी तरह इसका समाधान नहीं निकल पा रहा है। ऐसे में एनएमआरसी की ओर से प्रस्तावित एफओबी पर ही विचार करने को कहा गया है। पूरा एफओबी वातानुकूलित होगा और यह ट्रैवलेटर सिस्टम पर आधारित होगा। इसके उपयोग के समय यात्रियों को चलना नहीं पड़ेगा।

परियोजना के वर्तमान हालात
सेक्टर-51 से मेट्रो डिपो तक एक्वा लाइन संचालित है, जो कि ग्रेटर नोएडा तक जाती है। सेक्टर-51 मेट्रो के पास से ब्लू लाइन सेक्टर-63 के इलेक्ट्रॉनिक सिटी मेट्रो स्टेशन तक जाती है। सेक्टर-51 मेट्रो स्टेशन से ब्लू लाइन का सबसे नजदीकी स्टेशन सेक्टर-52 है। लेकिन यहां की दूरी काफी अधिक है। लिहाजा वर्तमान समय में दोनों लाइनों के यात्रियों की सुविधा के लिए निशुल्क ई-रिक्शा संचालित हो रही है। बावजूद इसके लोगों को काफी परेशानी हो रही है। इसके समाधान के लिए प्राधिकरण की ओर से एफओबी निर्माण का काम किया जा रहा है। हालांकि केंद्रीय मंत्रालय के अधिकारी इससे संतुष्ट नहीं है।
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पीएमओ के फैसले से ग्रेनो वेस्ट मेट्रो का रास्ता होगा साफ
अधिकारियों के मुताबिक पीएमओ की ओर से मामले में प्रस्ताव मांगा गया था। अब पीएमओ की ओर से हरी झंडी मिलने के बाद आगे का रास्ता साफ होगा। इससे ग्रेनो वेस्ट मेट्रो परियोजना का टेंडर निकालने की स्थिति भी स्पष्ट होगी। अब सबकुछ इसी पर निर्भर कर रहा है।
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