अगर आप कुत्ता पालने के शौकीन हैं, तो यह जानकारी आपके लिए महत्वपूर्ण है। एक महीने और सात दिन की देरी के बाद आखिरकार कुत्तों के पंजीकरण से जुड़ा बायलॉज (उपनियम) छपकर तैयार हो गया है। नगर निगम प्रशासन अब इस महीने के आखिरी सप्ताह या फिर 1 दिसंबर से कुत्तों का पंजीकरण शुरू करने जा रहा है।
निगम प्रशासन ने साफ कर दिया है कि बिना पंजीकरण के कुत्ता पालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और उन पर जुर्माना लगाया जाएगा। इस नए नियम को लागू करने और निगरानी में पशुपालन विभाग भी नगर निगम की मदद करेगा।
चार अक्तूबर को नगर निगम प्रशासन ने रुड़की स्थित राजकीय मुद्रणालय में कर्मचारी के हाथों बायलॉज से संबंधित दस्तावेज दिए थे। उसके बाद फीस जमा की थी। अब कुत्तों के पंजीकरण के लिए बायलाॅज छपकर आ गया है।
नगर निगम प्रशासन अन्य कार्रवाई पूरा करने के बाद इस माह के 26 नवंबर या फिर एक दिसंबर से पंजीकरण शुरू करेगा। पंजीकरण फार्म नगर निगम के ऋषिकेश और बापूग्राम स्थित कार्यालय में मिलेंगे। राजकीय पशु चिकित्सालय ऋषिकेश में जो भी लोग अपने कुत्तों को इलाज के लिए लाएंगे, वहां पर उन्हें पंजीकरण फार्म दिए जाएंगे। इनका विवरण पशुपालन विभाग के पास उपलब्ध रहेगा। जो लोग अपने पालतू कुत्तों का पंजीकरण नहीं कराएंगे, नगर निगम प्रशासन उनके खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई करेगा।
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पंजीकरण के लिए निम्नलिखित चीजें/दस्तावेज जरूरी होंगे...
- पंजीकरण शुल्क 500 रुपये
- कुत्ते का टीकाकरण का कार्ड
- कुत्ते को एंटी रेबीज का टीका लगा होना चाहिए
- कुत्ता स्वामी का आधार कार्ड, फोन नंबर
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कोट-
पालतू कुत्तों का पंजीकरण करने के लिए राजकीय मुद्रणालय से बायलॉज छपकर आ गया है। इस माह के आखिरी सप्ताह या फिर एक दिसंबर से पंजीकरण का काम शुरू होगा। कुत्तों का पंजीकरण न कराने वालों के खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। - गोपाल राम बिनवाल, नगर आयुक्त ऋषिकेश