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Noida News: अब तीनों प्राधिकरणों में ई-नीलामी से नहीं होगा औद्योगिक प्लॉटों का आवंटन

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अब तीनों प्राधिकरणों में ई-नीलामी से नहीं होगा औद्योगिक प्लॉटों का आवंटन
- अप्रैल 2022 में लागू नीति पर शासन ने लगाई रोक, उससे पहले की पॉलिसी का होगा पालन
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। अब नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण में ई-नीलामी से औद्योगिक प्लॉटों का आवंटन नहीं होगा। शासन ने तीनों प्राधिकरणों में अप्रैल 2022 से लागू नीति पर रोक लगा दी है। तीनों प्राधिकरण अप्रैल 2022 से पहले की पॉलिसी के आधार पर औद्योगिक प्लॉटों का आवंटन करेंगे। अवस्थापना और औद्योगिक विकास आयुक्त मनोज कुमार सिंह की ओर से इस बाबत शासनादेश जारी किया गया है। अहम है कि अप्रैल में हुई नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण की बोर्ड बैठकों में औद्योगिक भूखंडों को ई-नीलामी के माध्यम से लोगों को उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया था।
उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास अधिनियम की धारा के तहत शासन ने विचार-विमर्श के बाद उद्योगों की स्थापना के लिए औद्योगिक भूखंडों के आवंटन में ई-नीलामी की प्रक्रिया को समाप्त कर दिया। अब तीनों प्राधिकरणों में अप्रैल से पहले की स्थिति को बहाल कर दी गई है। इस मामले में जारी शासनादेश में औद्योगिक भूखंडों के आवंटन के लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रिया को पारदर्शी बनाते हुए एक नीति तैयार करने को कहा गया है। जिसे तीनों प्राधिकरणों को अपने-अपने बोर्ड में पास कराना होगा। जिसके बाद ही आवंटन की कार्रवाई होगी।
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औद्योगिक प्लॉट की रेस में उद्यमियों को मिलेगा फायदा
औद्योगिक प्लॉट की ई-नीलामी खत्म कराने के लिए नोएडा आंत्रप्रिन्योर्स एसोसिएशन के अलावा लघु उद्योग भारती और एमएसएमई इंडस्ट्रियल एसोसिएशन ने कई बार मांग की थी। ई-नीलामी की प्रक्रिया की वजह से छोटे उद्यमी पहले ही रेस से बाहर हो जा रहे थे। औद्योगिक संगठनों का कहना था कि ऊंची बोली लगाकर प्लॉट का आवंटन करा लिया जा रहा था। बाद में प्लॉट पर थोड़ा निर्माण कर किराये से पैसे कमाए जा रहे थे। कहा तो यह भी जा रहा था कि इस प्रक्रिया से फाइनेंसरों और प्रॉपर्टी डीलरों को खासा लाभ हो रहा था।

अब ड्रॉ और साक्षात्कार के जरिए होगा आवंटन
अप्रैल 2022 से पहले 4000 वर्गमीटर तक के औद्योगिक प्लॉटों के आवंटन के लिए ड्रॉ का सहारा लिया जाता था। यही नीति अब फिर से लागू हो गई है। यानी अब छोटे उद्यमी भी प्लॉट पाने की दौड़ में शामिल हो सकेंगे। वहीं 4000 वर्गमीटर से अधिक आकार के प्लॉट के लिए साक्षात्कार का सहारा लिया जाएगा। साक्षात्कार की प्रक्रिया में मानकों को अंकों के आधार फैसला किया जाता था। जिसके ज्यादा अंक होंगे, उन्हें प्लॉट का आवंटन कर दिया जाएगा।


हमारी लड़ाई सफल हो गई। शासन ने औद्योगिक भूखंडों के आवंटन में ई-नीलामी की प्रक्रिया हटाने की उद्यमियों की मांगें मान ली हैं। शासन की ओर से जारी किए गए आदेश से उद्यमियों में हर्ष का माहौल है। - विपिन मल्हन, अध्यक्ष, नोएडा आंत्रप्रिन्योर्स एसोसिएशन
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छोटे उद्योग लगाने वाले उद्यमियों को औद्योगिक भूखंडों की ई-नीलामी से नुकसान उठाना पड़ रहा था। इस प्रक्रिया में डेवलपर, फाइनेंसर और प्रॉपर्टी डीलरों का दखल बढ़ा था। ई-नीलामी खत्म किए जाने के फैसले से उद्यमियों में उत्साह की लहर है। - सुरेंद्र सिंह नाहटा, जिलाध्यक्ष, एमएसएमई इंडस्ट्रियल एसोसिएशन
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