नूंह। खंड के गांव खेड़ला निवासी 73 वर्षीय हाजी अली मोहम्मद आधुनिक खेती को बढ़ावा देने के जिले में किसानों के प्ररेणास्त्रोत बने हैं। पानी की कमी से जहां इस क्षेत्र में लोग बेहतर खेती करने में कतराते है। हाजी अली मोहम्मद नए-नए प्रयोग के साथ खेती को बढ़ावा दे रहे हैं। हाल में उन्होंने फार्म पर अमेरिका व न्यूजीलैंड देशों में पैदा किए जाने वाले टमाटर को उगाया है।
अमेरिका का 2,853 किस्म में एक पौधे से 30 किलो पैदावार ली जा सकती है। एक एकड़ में यह एक हजार कैरेट पैदा की जा सकती है। इसके अलावा उन्होंने अपने यहां पर न्यूजीलैंड का अलंकार टमाटर व नीदरलैंड में उगाई जाने वाली 26 दानों की मटर की बिजाई की थी। जिस पर अब फल आने लगा है। जल्द ही जिले की मंडियों में आने पर लोग विदेशों में पैदा होने वाले टमाटर व मटर के स्वाद को भी चख सकते हैं। मटर की इस किस्म में कैल्शियम की मात्रा बहुत अधिक पाई जाती है। बता दें कि किसान हाजी अली मोहम्मद प्रदेश व राष्ट्र स्तर पर कई बार सम्मानित हो चुके हैं। बचपन से ही खेती के लगाव ने उनको इस मुकाम पर पहुंचाया है। आज उनका नाम प्रदेश व राष्ट्र के कृषि से जुड़े अधिकारियों की जुबान पर रट चुका है। सितंबर 2013 में उनको आरंडी की खेती के लिए गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सम्मानित किया गया और 51 हजार नगद दिए गए। इसके अलावा उनको तत्कालीन प्रदेश के सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा द्वारा गेहूं की अट्ठारह किस्म लगाने पर भी 51 हजार के चेक सहित सम्मानित किया गया। हिसार कृषि विश्वविद्यालय द्वारा उनको कई बार सम्मानित किया गया है।
नए प्रयोगों के लिए जाने जाते हैं
हाजी अलीमोहम्मद खेती को बढ़ावा देने के लिए हमेशा प्रयासरत रहते हैं। जिसके परिणास्वरूप वह अपनी खेती में हमेशा नए-नए प्रयोग करते है। जिसमें मुख्य रूप से लेजर लेवलिंग, बैड प्लांटर, कंटूर फार्मिंग व ड्रिपिंग सिस्टम के साथ खेती कर रहे है। अपने साथ वह दूसरे किसानों को भी साथ लेकर चलते है। उनकी प्रेरणा से अभी तक दर्जनों किसान अपनी खेती को बढ़ावा देने के लिए कार्य कर रहे है।
हर किस्म को करते हैं पैदा
18 एकड़ के जमींदार अलीमोहम्मद सभी प्रकार के फल, सब्जी, दाल व गन्ना उगा रहे हैं। जिसके फलस्वरूप उनकी पहचान जिले के नंबर वन किसान के रूप में की जाती है।
पेंशन नहीं लेते
72 वर्ष की उम्र में भी उनका जोश देखने से बनता है। वह जिले में अकेले ऐसे शख्स हैं जो 72 वर्ष के होने पर भी पेंशन नहीं लेते वो कहते है कि मेरी जगह किसी जरूरतमंद को दी जाएं यह राशि। उनका स्वास्थ्य भी बेहद अच्छा है। लगभग 32 वर्षों से उनको बुखार तक नहीं आया। खेती के सभी कार्य निराई, गुढ़ाई व सिंचाई वो स्वयं करते है।
सामने आ रही समस्याएं
जिले में किसानों के लिए उचित मार्केट की व्यवस्था नहीं है। अरंडी को उनको राजस्थान की मंडी में ले जाना पड़ता है। वहां कुछ समय से किसानों को उचित रेट नहीं मिल रहे हैं। बिजली की आपूर्ति समय पर नहीं की जा रही है। जिस कारण उनको परेशानी होती है।
उच्च अधिकारी करते रहते हैं दौरा
किसान व कृषि विभाग के लिए उदाहरण बने हाजी अली मोहम्मद के फार्म पर कृषि विभाग के राष्ट्रीय स्तर के अधिकारी दौरा करते रहते हैं।