जिले में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए ट्रैफिक पुलिस नया प्रयोग करने जा रही है। अब जिले की सड़कों पर यातायात से जुड़ी सूचनाएं ट्रैफिक पुलिस तक पहुंचाने का काम एडवाइजर करेंगे। नोएडा व ग्रेटर नोएडा सहित जिले भर में 300 एडवाइजर बनाने की कवायद शुरू हो गई है। इसमें स्थानीय निवासी, दुकानदार से लेकर सेक्टरों व औद्योगिक इकाइयों के बाहर तैनात सुरक्षा कर्मियों तक की सहायता ली जा रही है।
एसएसपी वैभव कृष्ण के दिशा-निर्देश पर यह पूरी कवायद की जा रही है। कई दिनों से ट्रैफिक पुलिस जिले के ऐसे चौराहे, तिराहे, कटों का सर्वे कर रही है जहां यातायात व्यवस्था बिगड़ने की शिकायतें अक्सर मिलती हैं। समय पर सूचनाएं न मिलने से लोगों की समस्या और ज्यादा बढ़ जाती है। इसेे ध्यान में रखकर अब स्थानीय लोगों की मदद ली जा रही है।
एसपी ट्रैफिक अनिल कुमार झा ने बताया कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा, जेवर, दनकौर, दादरी और बादलपुर को अलग-अलग जोन में बांटकर सर्वे कराया गया है। 300 ऐसे प्वाइंट की पहचान की गई है जहां यातायात व्यवस्था बाधित रहती है। नोएडा में ऐसे 175 स्थानों की पहचान की गई है। इस समस्या के समाधान के लिए ट्रैफिक एडवाइजर के तौर पर जनता से ही मदद ली जा रही है। अब तक 40 एडवाइजर बनाए जा चुके हैं।
एडवाइजर कैसे करेंगे काम
एसपी ट्रैफिक ने बताया कि 300 एडवाइजरों का एक ग्रुप बनाया जा रहा है। व्हाट्सएप पर बने ग्रुप में ट्रैफिक पुलिस कर्मी और अधिकारी भी शामिल रहेंगे। इसके अलावा हर क्षेत्र के ट्रैफिक एडवाइजर संबंधित क्षेत्र के ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल से संपर्क में रहेंगे। साथ ही, ट्रैफिक कंट्रोल रूम से भी लगातार संपर्क में रहेंगे। कहीं लाल बत्ती खराब होती है या फिर ट्रैफिक पुलिस कर्मी ड्यूटी पर मौजूद नहीं है तो इसकी भी सूचना दी जा सकेगी।