विभाग ने इस दौरान निजी और वाणिज्यिक वाहनों समेत लगभग तीन दर्जन वाहनों को जब्त किया, जो सीमा से ज्यादा उत्सर्जन करते हुए सड़कों पर चल रहे थे। बढ़ते वायु प्रदूषण पर रोक लगाने के उद्देश्य से CPCB की अनुशंसाओं पर आधारित ग्रेप को एनसीआर में एक अक्तूबर से लागू किया गया था।
गौतमबुद्ध नगर परिवहन विभाग ग्रेडेड रेस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रेप) के लागू होने के बाद इन नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर 78 लाख रुपये का जुर्माना लगा चुका है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
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विभाग ने इस दौरान निजी और वाणिज्यिक वाहनों समेत लगभग तीन दर्जन वाहनों को जब्त किया, जो सीमा से ज्यादा उत्सर्जन करते हुए सड़कों पर चल रहे थे। बढ़ते वायु प्रदूषण पर रोक लगाने के उद्देश्य से केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की अनुशंसाओं पर आधारित ग्रेप को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में एक अक्तूबर से लागू किया गया था।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, एक अक्तूबर से 15 नवंबर तक पॉल्यूशन अंडर कंट्रॉल (पीयूसी) प्रमाण पत्र नहीं होने पर वाहन चालकों के 780 चालान काटे गए। इसके अलावा कूड़ा, निर्माण सामग्री जैसी सामग्रियों को बिना ढंके ले जाते हुए प्रदूषण फैलाने पर 69 चालान काटे गए। इस दौरान सड़क पर दौड़ते 10 साल पुराने 26 डीजल वाहनों और 10 साल पुराने 17 पेट्रोल वाहनों को जब्त किया गया।
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सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) प्रशांत तिवारी ने बताया, ''पीयूसी नियमों का उल्लंघन करने पर 10,000 रुपये का चालान लगता है वहीं प्रदूषण पदार्थों को ले जाने पर 500 रुपये का हर्जाना लगता है।''