कंपनी ने इसके लिए 21,329 वर्ग मीटर का प्लॉट फेज-2 औद्योगिक क्षेत्र में लिया है। यह परियोजना लगभग 1000 करोड़ रुपये के निवेश से पूरी होगी और इससे 500 से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। इस केंद्र की स्थापना से नोएडा में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और अनुसंधान को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद मंगलवार को एलजी कंपनी का एक प्रतिनिधिमंडल नोएडा प्राधिकरण पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने प्राधिकरण की तत्परता और सहयोग के लिए सीईओ डॉ. लोकेश एम का आभार व्यक्त किया।
सीईओ डॉ. लोकेश एम ने बताया कि प्राधिकरण इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसके तहत सेक्टर-164 को मोबाइल और सेमिकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करने की तैयारी चल रही है। यहां के छह बड़े प्लॉट (5 से 8 हजार वर्ग मीटर) इलेक्ट्रॉनिक्स परियोजनाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। प्राधिकरण जल्द ही इन प्लॉटों के लिए नई योजना भी लाएगा।