निवासियों का कहना है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी और प्रबंधन की लापरवाही के कारण एक होनहार युवक की जान चली गई। उन्होंने आरोप लगाया कि सोसाइटी परिसर में निर्माण कार्य और रखरखाव के दौरान सुरक्षा उपायों का पालन नहीं किया जा रहा था, जिसकी शिकायतें पहले भी की गई थीं, लेकिन उन्हें गंभीरता से नहीं लिया गया। कैंडल मार्च में शामिल लोगों के हाथों में 'जस्टिस फॉर सॉफ्टवेयर इंजीनियर', 'नेग्लिजेंस टुक अ लाइफ' और 'डिफेक्टिव सिक्योरिटी सिस्टम' जैसे पोस्टर थे।
प्रदर्शनकारियों ने बिल्डर, मेंटेनेंस एजेंसी और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। सोसाइटी के एक वरिष्ठ निवासी ने कहा कि यह सिर्फ एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि सिस्टम की विफलता है। यदि समय रहते चेतावनियों पर ध्यान दिया जाता तो यह हादसा टल सकता था। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि उच्चस्तरीय जांच कमेटी गठित कर पूरे मामले की जिम्मेदारी तय की जाए और दोषियों पर आपराधिक कार्रवाई हो।
कैंडल मार्च के दौरान माहौल भावुक रहा। मृतक के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए लोगों ने कहा कि वे न्याय मिलने तक शांत नहीं बैठेंगे। कुछ निवासियों ने यह भी कहा कि सेक्टर-150 की कई हाईराइज सोसाइटियों में सुरक्षा मानकों की स्थिति चिंताजनक है, जिस पर प्राधिकरण को सख्त कदम उठाने चाहिए।
प्रदर्शन के अंत में सोसाइटी के प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया और चेतावनी दी कि यदि मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। निवासियों ने मांग की कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों, इसके लिए सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य किया जाए और दोषी संस्थाओं पर भारी जुर्माना लगाया जाए।