ब्लू लाइन के सेक्टर-52 व एक्वा लाइन के 51 मेट्रो स्टेशन के बीच बन रहे स्काईवॉक के विस्तार ने यहां पर यात्रियों की मुश्किलें बढ़ाई हुई हैं। स्काईवॉक के विस्तार की बैरिकेडिंग हाल-फिलहाल लगाई गई है। इसके बीच गलियारा सा बन गया है। इस गलियारे से यात्रियों का निकल पाना आसान नहीं रह रहा है।
सेक्टर-52 और सेक्टर-51 मेट्रो स्टेशनों के बीच पैदल यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ब्लू लाइन के सेक्टर-52 और एक्वा लाइन के सेक्टर-51 मेट्रो स्टेशन के बीच बन रहे स्काईवॉक के विस्तार ने यह समस्या पैदा की है। निर्माण कार्य के कारण बने संकरे गलियारे में बारिश होने पर पानी भर जाता है, जिससे यात्रियों का निकलना मुश्किल हो जाता है।
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मौके पर एक तरफ आईकिया का प्लॉट है जिसकी ऊंची बैरिकेडिंग लगी है। दूसरी तरफ स्काईवॉक के विस्तार के लिए हाल ही में बैरिकेडिंग लगाई गई है। इन दोनों बैरिकेडिंग के बीच एक संकरा गलियारा बन गया है। जरा सी बारिश होने पर इस गलियारे में पानी भर जाता है, जिससे यात्रियों को निकलने में काफी दिक्कत होती है।
यात्रियों की समस्याओं को दर्शाते कई फोटो और वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं। इस गलियारे से निकलने के बाद फुटपाथ पर अवैध रेहड़ी-पटरी दुकानों का अतिक्रमण भी है। इसके अलावा, ऑटो और ई-रिक्शा चालकों की अराजकता भी यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। नोएडा प्राधिकरण या ट्रैफिक पुलिस इस गंभीर समस्या पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
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स्काईवॉक विस्तार से बढ़ी बाधाएं
ब्लू लाइन और एक्वा लाइन के इन दो मेट्रो स्टेशनों के बीच की दूरी पैदल तय करना यात्रियों के लिए चुनौती बन गया है। स्काईवॉक के विस्तार के कारण लगाए गए बैरिकेडिंग ने रास्ते को संकरा कर दिया है। आईकिया प्लॉट की बैरिकेडिंग भी इस गलियारे को और सीमित करती है। हल्की बारिश में भी यहां जलभराव हो जाता है, जिससे यात्रियों को कीचड़ और पानी से होकर गुजरना पड़ता है।