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UP: नोएडा के सेक्टर 63 में फिर तोड़फोड़ का प्रयास, पुलिस ने लाठीचार्ज कर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा

Wed, 15 Apr 2026 11:26 AM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा

सार

नोएडा के सेक्टर 63 में प्रदर्शनकारियों ने तोड़फोड़ का प्रयास किया। हालांकि मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा, जिसके चलते उन्हें खदेड़ा गया, ऐसे में प्रदर्शन करने से पुलिस रोकने में सक्षम रही।
 
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फ्लैग मार्च करती पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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यूपी के गौतमबुद्धनगर जिले के नोएडा सेक्टर 63 में बुधवार को प्रदर्शनकारियों ने तोड़फोड़ का प्रयास किया। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात होने के कारण उन्हें खदेड़ दिया गया। पुलिस प्रदर्शन करने से रोकने में पूरी तरह सक्षम रही।
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जानकारी के अनुसार, बुधवार को साहू एक्सपोर्ट कंपनी के बाहर श्रमिक इकट्ठा हुए थे। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए श्रमिकों को वहां से हटा दिया। पुलिस की तत्परता के कारण प्रदर्शनकारी सफल नहीं हो पाए। एक्सपोर्ट कंपनी के बाहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात हैं। 

पुलिस पूरे इलाके में लगातार गस्त कर रही है। यह कंपनी नेशनल हाईवे 24 के नजदीक स्थित है। नोएडा के फेज 2 इलाके में फिलहाल शांति बनी हुई है। मंगलवार के मुकाबले बुधवार को अधिक पुलिस बल तैनात किया गया है।
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पुलिस बल की तैनाती
मंगलवार तक करीब सात हजार पुलिस बल तैनात था। बुधवार को बाहरी जिलों से भी अतिरिक्त पुलिस बल मंगाया गया है। ब्लैक कमांडो, पीएसी और रैपिड एक्शन फोर्स को भी तैनात किया गया है। स्थानीय पुलिस बल भी सुरक्षा व्यवस्था में जुटा हुआ है। यह तैनाती शांति बनाए रखने के लिए की गई है।

सतर्क है प्रशासन
वेतन बढ़ोतरी को लेकर नोएडा में पिछले कुछ दिनों से यह आंदोलन जारी है। मंगलवार को ही अधिकारियों ने कई इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी, और प्रशासन किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पूरी तरह सतर्क था। सफाई और बहाली के प्रयासों के तहत, पिछले विरोध प्रदर्शनों के दौरान सड़कों पर बिखरे छोटे पत्थरों को हटाया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों द्वारा छोड़े गए जले हुए टायर और अन्य मलबा भी साफ किया जा रहा है।

 

इसके अलावा, औद्योगिक इकाइयों में एहतियाती उपायों को और मजबूत किया जा रहा है। सुरक्षा बढ़ाने के लिए कंपनियों की सीमाओं पर कंटीले तार लगाए जा रहे हैं और गेटों को और मजबूत किया जा रहा है। फैक्ट्रियों के प्रवेश द्वारों पर बड़े-बड़े होर्डिंग भी लगाए गए हैं, जिनमें मजदूरों को बताया गया है कि वे न्यूनतम वेतन के हकदार हैं, और उन्हें उसी के अनुसार भुगतान किया जाएगा।

न्यूनतम वेतन में संशोधन की घोषणा
इस स्थिति के जवाब में, उत्तर प्रदेश सरकार ने मजदूरों की विभिन्न श्रेणियों के लिए न्यूनतम वेतन में संशोधन की घोषणा की। पुलिस ने भी व्यवस्था बहाल करने के लिए कार्रवाई की है, और अब तक लगभग 300 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

 

संशोधित ढांचे के तहत, गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद जिलों में मासिक वेतन में काफी बढ़ोतरी की गई है। अकुशल मज़दूरों को अब 11,313 रुपये के बजाय 13,690 रुपये मिलेंगे। अर्ध-कुशल मजदूरों को पहले के 12,445 रुपये के मुकाबले अब 15,059 रुपये मिलेंगे, जबकि कुशल मजदूरों का वेतन 13,940 रुपये से बढ़ाकर 16,868 रुपये कर दिया गया है। 

 

नगर निगम के अन्य क्षेत्रों में, अब अकुशल श्रमिकों को 13,006 रुपये, अर्ध-कुशल श्रमिकों को 14,306 रुपये और कुशल श्रमिकों को 16,025 रुपये मिलेंगे। बाकी जिलों के लिए, संशोधित वेतन दरें अकुशल श्रमिकों के लिए 12,356 रुपये, अर्ध-कुशल श्रमिकों के लिए 13,591 रुपये और कुशल श्रमिकों के लिए 15,224 रुपये तय की गई हैं। 

 
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अधिकारियों ने बताया कि संशोधित अंतरिम वेतन दरों में मूल वेतन और महंगाई भत्ता, दोनों शामिल हैं। इनका उद्देश्य क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल करते हुए श्रमिकों की चिंताओं को दूर करना है।
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