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Noida: विदेशी फोन के पार्ट्स बदल कर सस्ते में बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश, दो करोड़ के मोबाइल बरामद

Sat, 25 Feb 2023 08:15 PM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा

सार

कंपनी में पुराने मोबाइल व लैपटॉप आदि के रिपेयरिंग सेंटर के साथ पुराने मोबाइल फोन के पार्ट्स बदल कर नया मोबाइल फोन तैयार कर उसे ब्रांड नेम एक्सट्रा कवर देकर बाजार में बेचा जा रहा था। जिसमें नामी कंपनी वन प्लस, ओप्पो, एप्पल, एमआई आदि के नाम पर सस्ते दामों में बाजार में बेच देते थे।
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पुलिस ने बरामद किए मोबाइल - फोटो : ANI
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विस्तार
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नोएडा कोतवाली सेक्टर-20 पुलिस ने विदेशों से तस्करी कर लाए गए मोबाइल फोन के पार्ट्स बदलकर उसे एनसीआर क्षेत्र के नामी ब्रांड के नाम पर सस्ते दामों में बेचने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से करीब दो करोड़ रुपये कीमत के 350 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, दो मिनी लैपटॉप व रिपेयरिंग के अन्य उपकरण बरामद किए हैं। इसका बाजार मूल्य करीब दो करोड़ रूपये आंकी गई है। 

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आरोपी की पहचान कृष्णानगर बरोला बाईपास रोड अलीगढ़ निवासी दिवाकर शर्मा के रुप में हुई है। वह फिलहाल बिसरख स्थित गौर सिटी के सेवन एवेन्यु में रह रहा था। दिवाकर कंपनी का मुख्य सेल्स मैनेजर का काम करता था। इसका एक साथी अभी फरार बताया जा रहा है। इस गिरोह में कुछ और लोगों के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है।

डीसीपी हरीश चंदर ने इस मामले में कोतवाली सेक्टर-20 में शनिवार को प्रेस वार्ता कर जानकारी दी है कि कोतवाली पुलिस ने आरोपी को सेक्टर-आठ के बी-ब्लॉक स्थित इंफोर्ससेल टेक्नोलॉजी फैक्टरी से दिवाकर शर्मा नाम के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी यहां पर मोबाइल एंड एसेसरीज को बदल कर मोबाइल फोन का आईएमईआई को बदल देते थे। इसके बाद उसे सस्ते दामों पर बेच देते थे। उन्होंने बताया कि इंफोर्सल टैक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड नाम की फैक्टरी सेक्टर-आठ के बी-ब्लॉक में स्थित हैं। इसका मालिक सौमित्र निवासी दिल्ली व निदेशक अरूण दास निवासी ग्रेटर नोएडा हैं। 

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कंपनी में पुराने मोबाइल व लैपटॉप आदि के रिपेयरिंग सेंटर के साथ पुराने मोबाइल फोन के पार्ट्स बदल कर नया मोबाइल फोन तैयार कर उसे ब्रांड नेम एक्सट्रा कवर देकर बाजार में बेचा जा रहा था। जिसमें नामी कंपनी वन प्लस, ओप्पो, एप्पल, एमआई आदि के नाम पर सस्ते दामों में बाजार में बेच देते थे। जिस मोबाइल की कीमत 75 हजार से एक लाख रुपये तक होती है, उसे आरोपी 20 से 25 हजार रुपये में बेच देते थे। ये लोग अपनी कंपनी का ब्रांड नाम व मूल्य अंकित किए बिना ही बाजार में बेच रहे थे। खरीदार को बिल भी नहीं देते थे। इसके अलावा ये लोग खुद भी पुराने मोबाइल के पार्ट्स को असेंबल कर बाजार में बेचते थे। जिसकी कोई गारंटी नहीं होती थी। ये लोग घूम-घूम कर एनसीआर के शहरों में मोबाइल फोन बेच रहे थे। 

मोबाइल खराब होने पर इन्हीं के यहां आकर ग्राहक उसे ठीक भी कराते थे। इसका कोई सर्विस सेंटर नहीं था। जिसकी सूचना मिलने पर पुलिस ने आरोपी दिवाकर शर्मा को गिरफ्तार कर करीब 350 मोबाइल फोन समेत अन्य उपकरण बरामद किया है। मामले की सूचना जीएसटी विभाग को दी गई है। प्राथमिक छानबीन में पता चला है कि आरोपियों ने करीब पांच करोड़ से अधिक की जीएसटी की भी चोरी की है।

रजिस्टर से खुलेंगे राज
एसीपी रजनीश वर्मा ने बताया कि आरोपी के पास से एक लाल रंग की रजिस्टर बरामद हुई है। जिसमें कई लोगों के नाम लिखे हुए हैं। जिनसे इन्होंने थोक में पुराने व नए मोबाइल फोन खरीदें हैं। ऐसे लोगों के नाम और मोबाइल फोन की संख्या रजिस्टर में दर्ज हैं। पुलिस थोक में मोबाइल आरोपी को बेचने वालों के बारे में भी छानबीन कर रही है। आशंका जताई जा रही है इनमें से कुछ फोन चोरी या लूट आदि के भी हो सकते हैं।

पुलिस से बचने के लिए तुरंत बदल देते थे कर्मचारी
पुलिस की आंख में धूल झोंकने के लिए आरोपी अपने यहां कर्मचारियों को एक माह से भी कम समय के लिए नौकरी पर रखते थे। गिरफ्तार आरोपी दिवाकर ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि 20 से 25 दिन में अपने यहां काम करने वाले कर्मचारियों को नौकरी से निकाल देते थे, ताकि उनकी पोल न खुल सकें।
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