नोएडा के सेक्टर-70 में बसई गांव के पास बने फुटओवर ब्रिज (एफओबी) की लिफ्ट में इंजीनियर डेढ़ घंटे तक फंसा रहा। लिफ्ट में उसका दम घुटने लगा। पुलिस ने ग्राउंड फ्लोर पर लिफ्ट के बाहर लगे दरवाजे का ताला तोड़कर उसे निकाला। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
शनिवार दोपहर करीब दो बजे कंस्ट्रक्शन कंपनी में इंटर्नशिप कर रहे गढ़ी चौखंडी निवासी इंजीनियर गोविंद सोनी बसई की एफओबी से सड़क पार कर रहे थे। उनका सीनियर सड़क के दूसरी ओर इंतजार कर रहा था। एफओबी से नीचे आने के लिए लगी लिफ्ट में गोविंद सवार हो गए।
बटन दबाते ही लिफ्ट नीचे जाने लगी। हालांकि थोड़ी देर में ही अचानक लिफ्ट बंद हो गई। कुछ देर बाद बिजली भी चली गई। लिफ्ट में बंद गाेविंद का दम घुटने लगा। गोविंद का इंतजार कर रहे सीनियर ने फोन किया। तब उसके लिफ्ट में फंस होने की जानकारी मिली। सीनियर समेत वहां मौजूद लोगों ने डायल-112 नंबर पर फोन किया। लेकिन फोन नहीं मिला।
मौके से निकल रहे फेज-3 थाना प्रभारी राजकुमार सिंह ने भीड़ देखकर मामले का पता लगाया। लिफ्ट में युवक के फंसे होने की जानकारी मिलते ही वह एफओबी के ऊपर पहुंचे। अन्य पुलिसकर्मियों की मदद से लिफ्ट को किसी तरह से ऊपर से थोड़ा खोलकर युवक को पानी की बोतल दी।
थाना प्रभारी ने पुलिसकर्मी को क्लियो काउंटी भेजकर लिफ्ट के तकनीशियन को बुलाया। तकनीशियन लिफ्ट के ऊपरी हिस्से से अंदर पहुंचा। करीब सात-आठ बार प्रयास के बाद लिफ्ट ग्रांउड फ्लोर तक पहुंच गई। हालांकि ग्राउंड फ्लोर पर लिफ्ट के बाहर लगे दरवाजे पर ताला लगा था।
पुलिस ताला तोड़कर लिफ्ट के दरवाजे तक पहुंची। किसी तरह दरवाजा खोलकर गोविंद को बाहर निकाला गया। करीब डेढ़ घंटे बाद बाहर निकलने पर मूलरूप से जयपुर निवासी गोविंद ने पुलिस को धन्यवाद दिया। उसने कहा कि अगर उसके सीनियर साथ नहीं होते तो वह वहीं फंसे रहते।
प्राधिकरण के अधिकारी बोले नहीं लगा था ताला
नोएडा प्राधिकरण में आउटर एजेंसी और एफओबी आदि का काम देख रहे वरिष्ठ प्रबंधक विश्वास त्यागी से जब अमर उजाला ने इस संबंध में बातचीत की तो उन्होंने लिफ्ट के चालू होने की बात कही। उन्होंने कहा कि वहां ताला नहीं लगा था। जबकि वायरल वीडियो में थाना प्रभारी ताला तोड़ते हुए दिख रहे हैं।
थाना प्रभारी ने अमर उजाला से बातचीत में ताला तोड़कर लिफ्ट के दरवाजे तक पहुंचने की बात कही। शहर की प्रमुख सड़कों पर एफओबी बनाई गई है। यहां लिफ्ट की सुविधा दी गई है। अधिकांश स्थानों पर लिफ्ट बंद पड़ी हैं। कुछ स्थानों पर लिफ्ट भी नहीं लगी है।