-सेक्टर 10 स्थित एमएसएमई इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के कार्यालय में आयोजित अमर उजाला संवाद में उद्यमियों ने बताईं समस्याएं
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-10 स्थित एमएसएमई इंडस्ट्रियल एसोसिएशन नोएडा के कार्यालय में अमर उजाला संवाद आयोजित किया गया। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने एमएसएमई वर्ग से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से रखा। एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेंद्र नाहटा ने बताया कि सरकार ने नोएडा को नो पावर कट जोन घोषित किया, बावजूद दिन में दो से तीन बार आधे घंटे तक बिजली कट रहती है।न ऐसे में मशीनों में पड़ा लाखों करोड़ों का माल खराब हो जाता है। इसके अलावा डीजल जेनरेटर चलाने पर रोक लग जाती है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार से बिजली आपूर्ति बाधित होने पर डीजी चलाने की अनुमति देने की मांग की।
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ईएसआईसी से नहीं मिल पाता है उचित इलाज
उद्यमियों ने बताया कि ईएसआईसी का पैसा कटने के बाद भी श्रमिकों को न तो इलाज मिलता है, न ही दवाइयां। अल्ट्रासाउंड और एक्सरे के लिए तीन से 6 महीने बाद की तारीख मिलती है। सरकार को आधारभूत ढांचा एवं मूलभूत सुविधाओं की तरफ ध्यान देना चाहिए। पदाधिकारियों ने श्रमिकों के आवास की योजना के साथ फैक्ट्रियों के पास से झुग्गियां हटाने और किराए पर फैक्ट्री चलाने वालों को औद्योगिक भूखंड आवंटित करने की भी मांग की।
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पानी के संकट से भी जूझ रहे उद्यमी
पानी की समस्या पर उद्यमियों ने बताया कि इंडस्ट्रियल क्षेत्र में सुबह 6 बजे पानी आता है जबकि फैक्ट्री नौ बजे खुलती हैं और शाम को फैक्ट्री 5:30 तक बंद हो जाती है लेकिन पानी बाद में आता है।
सरकारी विभागों में नहीं होता समाधान
उद्यमियों ने बताया कि पुराना उद्योग लेने के बाद उसे नई यूनिट फंक्शनल करवाने के लिए नोएडा प्राधिकरण में फंक्शनल सर्टिफिकेट लेना होता है, लेकिन प्राधिकरण से यह सर्टिफिकेट लेना बहुत मुश्किल होता है। यही नहीं, फैक्ट्रियों के लिए फायर एनओसी रिन्यू करवाने में भी पसीने छूट जाते हैं।
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हर जगह भ्रष्टाचार है। बैंकों से एमएसएमई वर्ग को लोन मिलने में परेशानी होती है। - सुरेंद्र नाहटा, अध्यक्ष, एमएसएमई इंडस्ट्रियल एसोसिएशन
15-20 साल पुरानी रिकवरी दिखाकर बैंक अकाउंट फ्रीज हो जाते हैं और पैसा निकल लिया जाता है।
- शिव कुमार राणा, महासचिव
पार्किंग एक बड़ी समस्या है। फैक्ट्रियों की गाड़ियां सड़क पर खड़ी होती हैं। जिससे अक्सर जाम लग जाता है।
- रमेश राठौर, कोषाध्यक्ष
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इंडस्ट्रियल क्षेत्र में उसके समय के मुताबिक पानी की आपूर्ति होनी चाहिए। - अनीता मिश्रा
युद्ध के बिना ही हम समस्या झेल रहे हैं। एलपीजी की समस्या पहले ही है। डीजल भी महंगा हो सकता है।
मेंहदी हसन नकवी
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पानी बिल पर चक्रवर्ती ब्याज लगाकर जुर्माना नहीं वसूला जाना चाहिए। बिल बकाया होने पर साधारण दर से ब्याज लगाना चाहिए। - दिलशाद अहमद