मेट्रो और एक्सप्रेसवे के नजदीक आवासीय जमीन हुई महंगी
नोएडा। अगर आप मेट्रो या एक्सप्रेसवे के आसपास जमीन लेने की योजना बना रहे हैं तो आपको इसके लिए जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी। नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर-29 में शुक्रवार को आयोजित 197वीं बोर्ड बैठक में मेट्रो और एक्सप्रेसवे के आसपास सेक्टर के रेट बढ़ाने का फैसला किया है। साथ ही, औद्योगिक, ग्रुप हाउसिंग और संस्थागत प्लॉट के रेट भी बढ़ा दिए गए हैं।
प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि 2016-17 के बाद जमीन के रेट नहीं बढ़ाए गए हैं। यही वजह है कि अब इसकी समीक्षा के बाद यह पाया गया कि कहीं-कहीं इसे बढ़ाने की जरूरत है, जहां जरूरत थी वहां इसे घटाया भी गया है। मेट्रो के नजदीक आवासीय जमीनों के रेट को 5 प्रतिशत तक बढ़ाया गया है। एक्सप्रेसवे के नजदीक की जमीनों का रेट 7.5 प्रतिशत तक बढ़ाने का प्रस्ताव पास किया गया यानी यहां जमीन लेकर घर बनाना अब महंगा होगा। इसके अलावा बोर्ड ने ग्रुप हाउसिंग एवं संस्थागत विभाग की जमीन के रेट में भी 7 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है। अब बिल्डरों को जमीन का आवंटन कराने के लिए ज्यादा खर्च करना होगा। ऑफिस स्पेस खरीदने के लिए भी ज्यादा खर्च करना पड़ेगा। बोर्ड बैठक में 27 पूरक और 6 अनुपूरक प्रस्ताव रखे गए। सभी प्रस्तावों को बोर्ड ने पास कर दिया। बैठक में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त और तीनों प्राधिकरणों के चेयरमैन आलोक टंडन, सीईओ नोएडा रितु माहेश्वरी, सीईओ ग्रेटर नोएडा नरेंद्र भूषण, सीईओ यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण डॉ. अरुणवीर सिंह सहित बोर्ड के सभी सदस्य उपस्थित रहे।
मेट्रो और एक्सप्रेसवे के आसपास यहां बढ़े रेट
ब्लू लाइन के मेट्रो स्टेशनों में सेक्टर-15, 16, 18, बोटेनिकल गार्डन, गोल्फ कोर्स, नोएडा सिटी सेंटर, सेक्टर-32, सेक्टर-34, 52, 61, 59, 62, इलेक्ट्रॉनिक सिटी स्टेशन, मजेंटा लाइन के तहत बोटेनिकल गार्डन व ओखला पक्षी विहार और एक्वा लाइन के तहत स्टेशनों में सेक्टर-51, 50, 76, 101, 81, एनएसईजेड, 82, 137, 142, 143, 144, 145, 146, 147, 148 और एक्सप्रेसवे के समीप सेक्टरों में रेट बढ़ाए गए हैं। यहां मेट्रो की लाइनें भी गई हैं। लिहाजा, रेट ज्यादा बढ़े हैं।
इन सेक्टरों की बढ़ाई श्रेणी
प्राधिकरण ने सेक्टर-14ए, 15ए, 44 के ए एवं बी ब्लॉक की श्रेणी को एक स्तर तक और बढ़ा दिया यानी यहां अब नई श्रेणी के तहत रेट होंगे। इसका भी दर निर्धारण किया गया है।
वाणिज्यिक जमीनों को मिली राहत
वाणिज्यिक उपयोग के लिए खरीदी जाने वाली जमीनों में एफएआर 2 तक के प्लॉट के रेट में 15 प्रतिशत तक की कमी की गई है। वहीं, एफएआर 4 के रेट में कोई कमी नहीं की गई है।