एसआईटी ने तैयार की 60 पन्नों की रिपोर्ट
बीते गुरुवार को सेक्टर-150 में इंजीनियर युवराज की कार पानी भरे गड्ढे में डूबने से हुई मौत के मामले में विशेष जांच दल यानी एसआईटी अपनी जांच में जुटी। गुरुवार शाम को एसआईटी की टीम नोएडा प्राधिकरण के सेक्टर-6 स्थित कार्यालय पहुंची। वहां नोएडा प्राधिकरण और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने एसआईटी के सामने अपने जवाब पेश किए। नोएडा प्राधिकरण ने इस मामले में करीब 60 पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है। वहीं, जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन से संबंधित अपनी रिपोर्ट सौंपी है। एसआईटी ने करीब डेढ़ घंटे तक दोनों विभागों से पूछताछ की और घटना से जुड़े सवालों के जवाब जाने। हालांकि, देर शाम तक रिपोर्ट सौंपे जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी।
रेस्क्यू में देरी और जलभराव पर एसआईटी का फोकस
सूत्रों के अनुसार, एसआईटी इस बात की गहन पड़ताल कर रही है कि युवराज की कार डूबने के बाद करीब दो घंटे तक बचाव कार्य क्यों शुरू नहीं हो सका। इसके अलावा, जांच यह भी देख रही है कि क्या जलभराव वाले इलाकों को पहले से चिन्हित किया गया था। यदि ऐसा था, तो समय रहते चेतावनी या बैरिकेडिंग क्यों नहीं की गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं इस मामले में जांच अधिकारियों से जानकारी ली है और हर बिंदु पर गहन जांच के बाद विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
एसआईटी ने आपदा प्रबंधन को लेकर कई सवाल पूछे थे, जिनका जवाब जिला प्रशासन की ओर से तैयार की गई रिपोर्ट में दिया गया। जिलाधिकारी मेधा रूपम भी नोएडा प्राधिकरण कार्यालय पहुंची थीं। जिला प्रशासन ने एसआईटी को घटना के समय कंट्रोल रूम, फील्ड स्टाफ और संबंधित विभागों के बीच समन्वय की स्थिति का पूरा ब्योरा दस्तावेजों के साथ प्रस्तुत किया है। इसमें रिस्पॉन्स टाइम, मौके पर पहुंची टीमों की तैनाती, वार रूम की भूमिका और आपात स्थिति में अपनाई गई प्रक्रिया का बिंदुवार उल्लेख है।
सड़क सुरक्षा पर नोएडा प्राधिकरण की नई पहल
इंजीनियर की दुखद मौत के बाद, नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर-150 में सड़क सुरक्षा को लेकर सक्रियता दिखाई है। अधिकारियों का कहना है कि विभिन्न सेक्टरों में सुरक्षा बढ़ाने के लिए सड़क के दोनों ओर सीमेंट ब्लॉक की बैरिकेडिंग लगाई जाएंगी। इस कार्य को जल्द ही टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से शुरू करवाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, घटना स्थल को छोड़कर नोएडा के अन्य भूखंडों और पूरे सेक्टर में हो रहे गड्ढों से पानी की निकासी के निर्देश जारी किए गए हैं। यह कार्य अलग-अलग वर्क सर्कल में टुकड़ों में पूरा किया जाएगा।
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