राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आजादी दिलाने के लिए बलिदान और आंदोलन के इतिहास को झूठा बताने वाले जिला संयुक्त अस्पताल के डॉक्टर ने माफी मांग ली है। उनका कहना है कि मेरी मंशा गांधीजी का अपमान करने की नहीं थी। मैं और मेरा परिवार गांधीजी के दिखाए सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलता है।
अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद जिला अस्पताल में तैनात आयुष चिकित्साधिकारी डॉ. प्रमोद कश्यप ने तीन दिन बाद अपना जवाब माफीनामा के रूप में दिया है। जिला अस्पताल की सीएमएस डाॅ. रेनू अग्रवाल को दिए जवाब में उन्होंने माफी मांगी है। डॉ. कश्यप का कहना है कि मेरी टिप्पणी से अगर किसी की भावना को ठेस पहुंची है तो मैं क्षमाप्रार्थी हूं। मैं आश्वस्त करता हूं कि भविष्य में किसी भी प्रकार की टिप्पणी नहीं करूंगा।
डॉ. कश्यप ने अपने पोस्ट पर सफाई देते हुए कहा है, ‘दे दी हमें आजादी बिना खड्ग बिना ढाल, साबरमती के संत तूने कर दिया कमाल’ के गाने पर पोस्ट के जरिए मैं केवल यह कहना चाहता था कि गाने में बाकी स्वतंत्रता सेनानियों का जिक्र नहीं किया गया। उन महापुरुषों का भी योगदान आजादी दिलाने में था। गलतीवश पोस्ट को उस रूप में नहीं लिख सका। मेरी मंशा गांधीजी के योगदान को नकारने की नहीं थी।