गौरव गुप्ता देश की एक नामी निजी कंपनी में नौकरी करते थे। वह कोरोना से सक्रमित हो गए। उनके इलाज के लिए परिजनों के साथ-साथ तमाम दोस्त जुट गए, मगर सभी उन्हें नोएडा के किसी भी अस्पताल में भर्ती नहीं करा सके।
नोएडा के पारस टियरा सोसायटी निवासी गौरव गुप्ता की कोरोना से मौत होने पर उनके परिजन ही नहीं, बल्कि उनके दोस्त भी खासे दुखी हैं। दरअसल वे अनेक प्रयास के बावजूद उनका इलाज नहीं करा सके। गौरव गुप्ता के दोस्त विकास रॉय ने बातचीत में उनकी याद साझा।
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गौरव गुप्ता देश की एक नामी निजी कंपनी में नौकरी करते थे। वह कोरोना से सक्रमित हो गए। उनके इलाज के लिए परिजनों के साथ-साथ तमाम दोस्त जुट गए, मगर सभी उन्हें नोएडा के किसी भी अस्पताल में भर्ती नहीं करा सके।
दरअसल शहर के किसी भी अस्पताल में बेड नहीं मिला। वहीं उनकी तबीयत निरंतर बिगड़ती गई। इस बीच उन्हें मालूम हुआ कि ऋषिकेश स्थित एम्स में बेड उपलब्ध है। इसके अलावा उन्होंने ऋषिकेश एम्स में संपर्क किया और वहां गौरव गुप्ता को बेड मिल गया। उन्हें नोएडा से ऋषिकेश ले जाया गया, लेकिन वहां भर्ती होने के बाद भी उनकी तबीयत में सुधार नहीं हुआ और उनकी तबीयत बिगड़ती गई।
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इस कारण भर्ती होने के अगले दिन उनकी मौत हो गई। दरअसल समय रहते इलाज नहीं मिलने के कारण कोरोना ने उनको पूरी तरह जकड़ लिया था। उन्हें नोएडा में तत्काल इलाज मिल जाता तो वह बच सकते थे और आज अपने परिवार संग होने के साथ-साथ उनके बीच होते।