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Pollution: एनसीआर के दूसरे सबसे प्रदूषित शहर रहे नोएडा और ग्रेनो, 286 एक्यूआई के साथ पहले नंबर पर रही ये सिटी

Tue, 18 Oct 2022 08:47 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, ग्रेटर नोएडा

सार

पिछले दिनों हुई बारिश का असर कम होने के साथ ही वायु प्रदूषण बढ़ना शुरू हो गया है। सोमवार को नोएडा और ग्रेनो का एक्यूआई ऑरेंज जोन में 254 रहा। एनसीआर में सबसे अधिक प्रदूषित शहर फरीदाबाद (286 एक्यूआई) रहा है। दूसरे नंबर पर नोएडा-ग्रेनो, तीसरे नंबर पर गाजियाबाद और दिल्ली चौथे स्थान पर रहा है। 
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फाइल फोटो
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विस्तार
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नोएडा और ग्रेटर नोएडा सोमवार को एनसीआर के दूसरे सबसे प्रदूषित शहर रहे। दोनों शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 254 रहा। वहीं देश के प्रदूषित शहरों की सूची में नोएडा और ग्रेनो सातवें स्थान पर रहे। ग्रेनो प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) ग्रेडेड रेस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) के स्टेज-दो के नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। सड़कों पर पानी का छिड़काव नहीं किया जा रहा है।
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पिछले दिनों हुई बारिश का असर कम होने के साथ ही वायु प्रदूषण बढ़ना शुरू हो गया है। सोमवार को नोएडा और ग्रेनो का एक्यूआई ऑरेंज जोन में 254 रहा, जबकि एक दिन पहले एक्यूआई 258 रहा था। दोनों शहर के एक्यूआई में मात्र चार अंक का सुधार हुआ है, लेकिन आने वाले दिनों में वायु प्रदूषण बढ़ने की अधिक संभावना है। ऐसे में जिले के लोगों का जहरीली हवा में सांस लेना मुश्किल हो जाएगा। 

एनसीआर में सबसे अधिक प्रदूषित शहर फरीदाबाद (286 एक्यूआई) रहा है। दूसरे नंबर पर नोएडा-ग्रेनो, तीसरे नंबर पर गाजियाबाद और दिल्ली चौथे स्थान पर रहा है। देश के सबसे प्रदूषित शहर भी दिल्ली-एनसीआर के आसपास के रहे है। मेरठ (333 एक्यूआई) सबसे प्रदूषित शहर रहा। दूसरे नंबर पर मुजफ्फरनगर (314 एक्यूआई) रहा।
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जिले में इंतजाम शून्य, टूट रहे ग्रेप के नियम
नोएडा और ग्रेनो में वायु प्रदूषण की रोकथाम के इंतजाम नहीं हो रहे हैं। ग्रेप के नियमों का भी पालन नहीं किया जा रहा है। एक्यूआई 200 और 300 के बीच होने पर स्टेज-2 के नियम लागू हो जाते है। जिसके तहत धूल उड़ने से रोकना, कूड़े का निस्तारण, मशीनों से सड़कों की सफाई, एंटी स्मॉग गन का प्रयोग और पानी का छिड़काव करना है, लेकिन ग्रेनो प्राधिकरण नियमों का पालन नहीं कर रहा है। ऐसे में वायु प्रदूषण में सुधार होने की उम्मीद नहीं है।
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व्हाट्सएप ग्रुप पर दिख रही आसपास के जिलों की कार्रवाई

शासन स्तर से एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है, ताकि ग्रेप के नियमों का पालन कराने पर निगरानी रखी जा सके। ग्रुप पर एनसीआर के सभी जिलों को जोड़ा गया है। हर जिले को ग्रेप के तहत होने वाली कार्रवाई की जानकारी ग्रुप पर साझा करनी है। गाजियाबाद और अन्य जिले रोजाना ग्रुप पर सक्रिय है, लेकिन गौतमबुद्ध नगर की तरफ से कोई अपडेट नहीं दी जा रही है। इसका कारण कार्रवाई नहीं होना है।
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