डीआईजी सीआईएसएफ, विजय कलजा ने बताया कि यह भारत का 70वां हवाई अड्डा है, 'जहां सीआईएसएफ तैनात है। यह 1.2 करोड़ यात्रियों की क्षमता वाला एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा होगा। हमें खुशी है कि नवरात्रि के पहले दिन ही हमें यहां तैनात कर दिया गया है। आज से यहां 120 सीआईएसएफ जवान तैनात हो गए हैं।'
इस परियोजना के लिए विप्रो और आईकैड होल्डिंग कंपनी सिस्टम इंटीग्रेटर के रूप में काम कर रही हैं। एयरपोर्ट में फेस स्कैनिंग, ऑटोमेटेड बैग-ड्रॉप और रियल-टाइम डेटा ट्रैकिंग जैसी उन्नत तकनीकें इस्तेमाल होंगी। इस डिजिटल क्रांति के साथ यात्रियों का अनुभव और भी तेज, सुरक्षित और सुगम होगा।
नोएडा एयरपोर्ट केवल यात्रा को आसान बनाने तक सीमित नहीं रहेगा, इसका लक्ष्य कार्गो संचालन से लेकर एयरपोर्ट प्रबंधन तक सब कुछ स्मार्ट बनाने का है। इसके शुरू होने के बाद भारत दुनिया के उन गिने चुने देशों में शामिल होगा, जिनके पास डिजिटल एयरपोर्ट की सुविधा है।
कतार में खड़े होकर नहीं करना पड़ेगा इंतजार
सफर करने के लिए यात्रियों को हर काम के लिए एयरपोर्ट पर कतार में खड़े होकर इंतजार नहीं करना पड़ेगा। डिजीयात्रा सिस्टम लागू होने के बाद केवल चेहरे की पहचान से प्रवेश और बोर्डिंग संभव होगी।
बोर्डिंग पास और पहचान पत्र बार-बार दिखाने की जरूरत नहीं होगी। यात्री केवल चेहरे की पहचान से सभी गेट पार कर सकेंगे। यत्रियों को सुविधा मिलेगी।