एयरपोर्ट पर इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (आईएलएस) को स्थापित किया जा चुका है। नोएडा एयरपोर्ट का पहला चरण 1334 हेक्टेयर में तैयार हो रहा है, इसकी यात्री क्षमता प्रति वर्ष 1.2 करोड़ होगी। लेकिन चार चरणों में इसका विस्तार किया जाएगा। 2050 तक एयरपोर्ट पूरी तरह संचालित होने पर हर साल सात करोड़ यात्रियों की आवाजाही क्षमता को पूरा करेगा।
एयरपोर्ट की उपलब्धियों पर एक नजर
- आईएलएस कैलिब्रेशन का कार्य 10 से 14 अक्तूबर तक हो चुका है।
- कैलिब्रेशन का सर्टिफिकेट भी यापल को प्राप्त हो चुका है।
- फ्लाइट ट्रालय का अप्रूवल डीजीसीए से प्राप्त हो चुका है।
- 9 दिसंबर को रनवे पर ट्रायल रन किया गया।
- एयरोड्रोम लाइसेंस के लिए आवेदन इसी माह में होगा।
- एआईपी पब्लिकेशन 6 फरवरी को होगा।
- छह फरवरी के बाद फ्लाइट के लिए टिकट बुकिंग सेवा शुरू हो जाएगी।
- 17 अप्रैल तक एयरपोर्ट से कामर्शियल फ्लाइट शुरू हो जाएगी।