-एक साथ 10 विमानों में यात्रियों को बैठाने की रखता है क्षमता
-3900 मीटर के रनवे से हर 2 मिनट में उड़ान भर सकेंगे विमान
माई सिटी रिपोर्टर।
यमुना सिटी।
नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे में पहले चरण में 10 एयरोब्रिज बनाए गए हैं। जिसके बाद यह उत्तर प्रदेश के सबसे ज्यादा एयरोब्रिज वाला एयरपोर्ट भी बन गया है। अभी तक यह रिकॉर्ड उत्तर प्रदेश के लखनऊ इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नाम पर दर्ज था। लखनऊ एयरपोर्ट में 8 एयरोब्रिज हैं, जिसके माध्यम से यात्रियों को हवाई जहाज के अंदर तक पहुंचाया जाता है।
केंद्र और प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट को पहले दिन इस तरीके से तैयार किया गया है कि यहां के यात्रियों को देश के सभी एयरपोर्ट से बेहतरीन सुविधा दी जा सके। लखनऊ के बाद अभी तक प्रयागराज में 6 एयरोब्रिज थे। लेकिन प्रयागराज से सिर्फ घरेलू उड़ानें ही संचालित होती हैं। वहीं अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों वाले वाराणसी एयरपोर्ट में भी सिर्फ 4 एयरोब्रिज ही हैं। उड़ानें शुरू होने के बाद नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट सबसे आगे होगा। 10 एयरोब्रिज होने से यहां एक साथ 10 विमानों में यात्रियों को बैठाया जा सकता है।
बिना सीढ़ी चढ़े विमान में पहुंचाता है एयरोब्रिज : एयरोब्रिज को पैसेंजर बोर्डिंग ब्रिज भी कहा जाता है। यह यात्रियों को टर्मिनल से सीधे विमान में प्रवेश कराता है। इसकी मदद से यात्रियों को सीढ़ी चढ़ने की जरूरत नहीं होती है। आमतौर पर जिन एयरपोर्ट में एयरोब्रिज नहीं होते हैं, वहां यात्री बसों में बैठाकर रनवे पर खड़े विमान तक पहुंचते हैं। फिर उन्हें सीढ़ी चढ़कर विमान के अंदर जाना पड़ता है। एयरोब्रिज से यात्री टर्मिनल बिल्डिंग से विमान तक सीधी आवाजाही करते हैं। यह आंधी, बारिश, तेज धूप से भी यात्रियों को बचाता है।
3900 मीटर का रनवे, हर दो मिनट में एक उड़ान
: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहले चरण में 3900 मीटर का रनवे बनाया गया है। लंबा रनवे होने के कारण यहां से हर दो मिनट में एक विमान उड़ान भर सकता है। इतना ही नहीं विमान यहां पर लैंडिंग कर सकते हैं और उड़ान भर सकते हैं। 45 मीटर चौड़ाई वाले रनवे में आईएलएस तकनीकि के अत्याधुनिक सिस्टम कैट थ्री का इस्तेमाल किया जाएगा। जिससे कोहरे और बारिश के दौरान भी एयरपोर्ट में विमानों की लैंडिंग कराई जा सकेगी।