आईजीआई की क्षमता 1.3 मिलियन मैट्रिक टन
आईजीआई कार्गो की क्षमता 1.3 मीलियन मैट्रिक टन की है। नोएडा एयरपोर्ट पर पहले चरण में कार्गो की क्षमता 1.2 मीलियन मैट्रिक टन की है जो कि बढ़ाकर 2.5 मिलियन मैट्रिक टन की जाएगी। चारों चरण के पूरे होने के बाद नोएडा एयरपोर्ट की कार्गो क्षमता 11 मीलियन मीट्रिक टन तक होगी। नायल के सीईओ डा. अरुणवीर सिंह ने बताया कि हम पहले चरण का काम अप्रैल से पहले पूरा कर एयरपोर्ट के व्यावसायिक संचालन की तैयारी में है। इसमें यात्रियों की निर्धारित संख्या पूरी होने के बाद अगले चरण का काम शुरू किया जाएगा।
नोएडा एयरपोर्ट पर अपना कार्गो हब बनाएगा एयरफोर्स
भारतीय वायु सेना नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अपना कार्गो हब बनाने की तैयारी में है। सेना की जरूरत के मुताबिक, आने वाली सामग्री इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (आईजीआई) की जगह यहां आएगी। इस पूरी गतिविधि को सुचारू संपन्न कराने के लिए इंडियन एयरफोर्स ने यापल से कार्गो टर्मिनल बिल्डिंग में तीन हजार वर्गफीट जगह भी मांगी है। यापल की ओर से कार्यालय के लिए जगह दिए जाने की सैद्धांतिक सहमति दे दी गई है और जल्द ही बाकी औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी।
दरअसल, भारतीय सेना सैन्य जरूरतों के अलावा अन्य सामग्रियों को विभिन्न देशों से आयात करती है। इसके लिए दिल्ली एयरपोर्ट को अपना बेस बनाया है। नोएडा एयरपोर्ट से विमानों का संचालन शुरू होने के साथ ही यहां कार्गो सुविधा भी शुरू होगी। नोएडा एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी और अन्य सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए एयरफोर्स आयातित सामग्रियों को यहां से संचालित करने की तैयारी में है। दूसरी बात यह भी है कि दिल्ली में कार्गो का दबाव ज्यादा होने के चलते सेना दूसरे विकल्पों पर काम कर रही थी। इसी के चलते इंडियन एयरफोर्स ने अपना ऑफिस स्थापित करने के लिए एयरपोर्ट पर तैयार कार्गो टर्मिनल में 300 मीटर का स्पेस मांग लिया है। इस ऑफिस में इंडियन एयरफोर्स के अधिकारी व स्टाफ बैठेंगे।
भारतीय वायुसेना ने कार्गो के लिए कार्यालय की मांग की है और हमने उन्हें सैद्धांतिक सहमति दे दी है। जल्द ही एयरपोर्ट की टर्मिनल बिल्डिंग में उनकी जगह तय कर दी जाएगी। -डॉ. अरुणवीर सिंह, सीईओ, नायल