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नोएडा का 50 साल का सफर: गांव से ग्लोबल हब तक पहुंचा शहर, निवेश की उर्वरा जमीन पर लहलहा रही नौकरी की फसल

Thu, 16 Apr 2026 07:41 AM IST
Rahul Kumar Tiwari अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा

सार

नोएडा ने 50 साल में गांव और खेतों से निकलकर औद्योगिक व आईटी हब का रूप ले लिया है। एक लाख करोड़ निवेश, बहुराष्ट्रीय कंपनियों की मौजूदगी और बेहतर कनेक्टिविटी ने इसे रोजगार व निवेश का बड़ा केंद्र बना दिया है।
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नोएडा का 50 साल का सफर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आज जहां नोएडा है, 50 साल पहले यमुना और हिंडन के बीच के इस भूखंड पर गांव, खेत, रेत उड़ाती पगडियां और कीकर के पेड़ थे। 17 अप्रैल, 1976 को इस माटी पर औद्योगिक शहर की कल्पना के साथ प्रयासों का हल चलना शुरू हुआ। तब शायद किसी को यहां की मिट्टी में निवेश की उर्वरता का अंदाजा नहीं था, लेकिन आज नोएडा निवेश का हब बन चुका है। यूपी-का शो विंडो का तमगा हासिल कर चुका यह शहर आज अपने बहुमुखी विकास के बूते उस मुकाम पर खड़ा है, जहां देश-दुनिया के निवेशक अपनी तिजोरियां खोलने को तैयार हैं।

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शहर अब आईटी हब के रूप में भी विकसित हो रहा है। दूसरे प्रदेशों व विदेश की कंपनियां नोएडा यहां इकाइयों खोल रहीं हैं। स्थापित इकाइयां भी विस्तार कर रहीं हैं। इससे शहर में रोजगार के मौके लगातार बढ़ रहे हैं। मौजूदा वक्त में नोएडा में एक लाख करोड़ रुपये का निवेश हो चुका है। शुक्रवार, 17 अप्रैल को नोएडा 51वें वर्ष में कदम रखेगा। 

देसी दिग्गज के साथ-साथ शहर में कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने भी सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट व रिसर्च सेंटर खोले हैं। इनमें एचसीएल टेक्नोलॉजी, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एडोबी, माइक्रोसॉफ्ट, एडवर्ष, एमएक्यू सॉफ्टवेयर, सिफी, अडानी इंटर प्राइजेज, इंफोसिस, टेक महिंद्रा व अन्य नाम प्रमुख हैं।
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सेक्टर-145 में पिछले साल अमेरिकी कंपनी एमएक्यू का सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट सेंटर शुरू हो चुका है। एमएक्यू की नोएडा में करीब 500 - करोड़ रुपये के निवेश की योजना है। दो चरणों में करीब 6000 लोगों को रोजगार दिया जाएगा। इसी तरह सेक्टर-132 में सिक्री का डेटा मेटा व सेक्टर-145 में माइक्रोसॉफ्ट का सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट सेंटर का निर्माण शुरू हो गया है। या मेटर नोएडा-ग्रेनी एक्सप्रेस-वे किनारे 15 एकड़ में बन रहा है। इस परियोजना से भी वह हजार से ज्यादा रोजगार मिलेंगे। परियोजना के दो हजार करोड़ रपये से ज्यादा का निवेश होषा। प्राधिकरण ने सेक्टर-153 को आईटी के लिए रिजर्व किया है। इस सेक्टर में कई बड़े ग्रुप आ चुके हैं।

नोएडा उत्तर प्रदेश का मुकुट है। हमारी सरकार लगातार यहां के विकास व यहां निवेश बढ़ाने के लिए प्रयासरत है। उद्यमियों को भयमुक्त वातावरण और सिंगल विंडो सुविधा के लिए हम प्रतिबद्ध हैं।विदेशों की भी बड़ी कंपनी अपनी इकाई नोएडा में खोलने को तैयार हैं। 50 साल पूरे होने पर मेरी तरफ से सभी सुभकामनाएं। -नंद गोपाल गुप्ता नंदी, औद्योगिक विकास मंत्री, उत्तर प्रदेश

 

नोएडा उत्तर प्रदेश का सोनी ही नहीं एक तरह से आर्थिक राजधानी भी है। वहां पर लगातार नई कंपनियां आ रहीं हैं। रोजगार के मौके और निवेश बढ़ रहा है। बड़ी कंपनियों का होना, दिल्ली से नजदीकी, बेहतर कनेक्टिविटी से इसमें इजाफा हो रहा है। -दिनेश जैन, अध्यक्ष, लीगल एंड कॉरपोरेट अफेयर्स, यूफ्लेक्स लिमिटेड

 

बात अगर विकास और निवेश की करें तो नोएडा में दोनों ही अर हे हैं। शहर में बेहतर सुविधाएं और विकास का माहौल मौजूद है। रियल एस्टेट में भी इस के चलते निवेश आ रहा है। वाणिज्यिक क्षेत्र का लगातार विकास हो रहा है। -यश गर्ग, निर्देशक, एमथ्रीएम, नोएडा

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