आज जहां नोएडा है, 50 साल पहले यमुना और हिंडन के बीच के इस भूखंड पर गांव, खेत, रेत उड़ाती पगडियां और कीकर के पेड़ थे। 17 अप्रैल, 1976 को इस माटी पर औद्योगिक शहर की कल्पना के साथ प्रयासों का हल चलना शुरू हुआ। तब शायद किसी को यहां की मिट्टी में निवेश की उर्वरता का अंदाजा नहीं था, लेकिन आज नोएडा निवेश का हब बन चुका है। यूपी-का शो विंडो का तमगा हासिल कर चुका यह शहर आज अपने बहुमुखी विकास के बूते उस मुकाम पर खड़ा है, जहां देश-दुनिया के निवेशक अपनी तिजोरियां खोलने को तैयार हैं।
नोएडा उत्तर प्रदेश का मुकुट है। हमारी सरकार लगातार यहां के विकास व यहां निवेश बढ़ाने के लिए प्रयासरत है। उद्यमियों को भयमुक्त वातावरण और सिंगल विंडो सुविधा के लिए हम प्रतिबद्ध हैं।विदेशों की भी बड़ी कंपनी अपनी इकाई नोएडा में खोलने को तैयार हैं। 50 साल पूरे होने पर मेरी तरफ से सभी सुभकामनाएं। -नंद गोपाल गुप्ता नंदी, औद्योगिक विकास मंत्री, उत्तर प्रदेश
नोएडा उत्तर प्रदेश का सोनी ही नहीं एक तरह से आर्थिक राजधानी भी है। वहां पर लगातार नई कंपनियां आ रहीं हैं। रोजगार के मौके और निवेश बढ़ रहा है। बड़ी कंपनियों का होना, दिल्ली से नजदीकी, बेहतर कनेक्टिविटी से इसमें इजाफा हो रहा है। -दिनेश जैन, अध्यक्ष, लीगल एंड कॉरपोरेट अफेयर्स, यूफ्लेक्स लिमिटेड
बात अगर विकास और निवेश की करें तो नोएडा में दोनों ही अर हे हैं। शहर में बेहतर सुविधाएं और विकास का माहौल मौजूद है। रियल एस्टेट में भी इस के चलते निवेश आ रहा है। वाणिज्यिक क्षेत्र का लगातार विकास हो रहा है। -यश गर्ग, निर्देशक, एमथ्रीएम, नोएडा