यमुना सिटी के सेक्टर-22डी निवासियों ने अमर उजाला संवाद में कहा वर्षों से हो रहे परेशान
माई सिटी रिपोर्टर
यमुना सिटी। बड़े चाव से लोगों ने यमुना सिटी के सेक्टर-22डी सेक्टर की सोसाइटी में फ्लैट लिए थे लेकिन आवंटन के कई वर्ष बीतने के बाद भी अधिकतर लोग अपने फ्लैटों में आकर नहीं रह रहे हैं। सोसाइटी के लिए यमुना एक्सप्रेसवे से न तो सीधा रास्ता है, न ही सोसाइटी में बेहतर मोबाइल कनेक्टिविटी। इस कारण अधिकतर फ्लैट मालिक सोसाइटी में नहीं रह रहे हैं। वहीं, कम रिहाइश के कारण रहने वाले लोग परेशान है। रविवार को सोसाइटी निवासियों ने अमर उजाला संवाद में अपनी समस्याएं बताईं।
यमुना सिटी की 22डी सेक्टर की सोसाइटी में यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की ओर से लगभग सात हजार से अधिक अफोर्डेबल, एलआईजी और हाईराइज एमआईजी फ्लैट बनाए हैं। 2017 में निवेशकों को फ्लैट आवंटन के लिए आमंत्रित किया गया था। 2020 के बाद से निवेशकों ने फ्लैटों के लिए आवंटन लेना शुरू किया। अमर उजाला संवाद में निवेशकों का कहना है कि पूर्व में बताया गया था कि सोसाइटी के लिए यमुना एक्सप्रेस-वे से तीन किलोमीटर की दूरी तक सीधी रोड से सोसाइटी के लिए कनेक्टिविटी दी जाएगी लेकिन लंबा समय बीतने पर भी कोई रास्ता नहीं बना है।
लोगों को अपने फ्लैटों में जाने के लिए 120 मीटर चौड़ी रिंग रोड से लगभग आठ से दस किलोमीटर का चक्कर काटकर सोसाइटी पहुंचना पड़ता है। इसके अलावा सोसाइटी में मोबाइल का नेटवर्क भी नहीं आता है। ऐसे में न तो निवेशक यहां रहने से कतराते हैं। सोसाइटी में इसी कारण केवल 250 ही परिवार रह रहे हैं। इनमें से बड़ी संख्या में किरायेदार हैं। इसके अलावा सोसाइटी में मेंटेनेंस और सीलन का मुद्दा सबसे बड़ा है। लोगों का कहना है कि घरों के मीटर की केबल तक चोरी हो जाती है।
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सोसाइटी तक कनेक्टिविटी है बड़ी समस्या
सोसाइटी की सबसे बड़ी समस्या यमुना एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी है। यमुना एक्सप्रेसवे से सीधी रोड से मात्र दो से तीन किलोमीटर में पहुंचा जा सकता है, अभी दस किलोमीटर का चक्कर काटकर जाना पड़ता है। -अतुल श्रीवास्तव
सोसाइटी में रहने वाले लोग सीलन की समस्या से परेशान हैं। अधिकतर घरों में सीलन आ रही है। इससे घर का रंग-रोगन खराब होता है, साथ ही करंट फैलने की संभावना भी बनी रहती है। पेयजल लाइन का मेंटनेंस होना चाहिए। -किशोर चंद डुंगरियाल
नोएडा और ग्रेटर नोएडा से पहुंचने के लिए सोसाइटी से बेहतर ट्रांसपोर्ट का अभाव है। रोडवेज की एक चलने वाली बस भी दिखावा मात्र है। कभी गंतव्य तक नहीं पहुंचाती। सिस्टम दुरुस्त हो। -वसुधा
सोसाइटी में कॉल ड्राप आउट की समस्या है। यहां रहने वाले परेशान हैं। इसके चलते न तो निवेशक आ रहे हैं और न ही कोई विद्यार्थी या कर्मी किराए पर फ्लैट लेना चाहते हैं। -राजेंद्र शर्मा
सोसाइटी में कई दिक्कतों के कारण कई वर्षों में फ्लैटों के दाम तो नहीं बढ़े अब जितने पैसे लगाए थे, उतने भी कोई देने को तैयार नहीं है। -राधेश्याम
यमुना एक्सप्रेसवे से सीधी रोड बन जाए तो लोग यहां रहने के लिए आने लगें। इससे सोसाइटी गुलजार हो जाएगी। मेंटेनेंस भी बेहतर होना चाहिए। -सुदीप कुमार झा